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  अमेरिका ने हाल ही में डब्ल्यूटीओ के नियमों में निर्धारित विकासमान देशों के स्थान पर नियमों में सुधार लाने के लिए "90-दिन की अवधि" घोषित की, नहीं तो वह एक तरफा कदम उठाएगा। इस बात को लेकर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने 29 जुलाई को कहा कि डब्ल्यूटीओ किसी भी एक या कुछेक देशों के पास का संगठन नहीं है। इस संगठन के नियम का परिवर्तन सभी सदस्यों की आम इच्छा के अनुसार किया जाना चाहिये। 

चीनी प्रवक्ता ने कहा कि विकासमान देशों को “विशेष और विभेदक उपचार” देना डब्ल्यूटीओ का केंद्रीय मूल्य होता है। इस संगठन में अधिकांश सदस्यों का मानना है कि केंद्रीय मूल्यों और बुनियादी नियमों का संरक्षण करने की जरूरत है। और संगठन के अन्दर विकासमान सदस्य तय करने का मानक भी अधिकांश सदस्यों द्वारा बताया जाना चाहिये। इसमें विकासमान देशों की उम्मीदों का समादर किया जाना चाहिये। वास्तव में विकासमान देशों के स्थान का संरक्षण करने से सचमुच व्यापारिक स्वतंत्रता की रक्षा की जा सकेगी। संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन के द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार विकास एक बहुआयामी अवधारणा है और विकासशील देशों का वर्तमान वर्गीकरण उचित है।

चीनी प्रवक्ता ने कहा कि चीन विश्व में सबसे बड़ा विकासमान देश है। चीन अपनी अंतर्राष्ट्रीय जिम्मेदारी से नहीं बचेगा और चीन विकासमान देशों के बुनियादी अधिकारों और अंतर्राष्ट्रीय न्याय की रक्षा करेगा। लेकिन अमेरिका द्वारा डब्ल्यूटीओ के नियमों का परिवर्तन करने के प्रति की गयी मांगों से इस का मनमानी और स्वार्थ साबित है।

(साभार-चाइना रेडियो इंटरनेशनल, पेइचिंग)

 

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Web Title: America declared "90-day period" to improve WTO rules

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