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नई दिल्लीः भारत द्वारा किये गए मिशन शक्ति पर आखिरकार दुनिया की सबसे बडी वैज्ञानिक एजेंसी का बयान सामने आ गया है। नासा का कहना है कि भारत द्वारा उपग्रह भेदी मिसाइल परीक्षण (ए-सैट) 'मिशन शक्ति' एक भयानक प्रयोग है। इस प्रयोग की वजह से अंतरिक्ष की कक्षा में 400 से ज्यादा मलबे के टुकड़े बिखर गए हैं। यह मलबा अंतरिक्ष में जाने वाले नए अंतरिक्षा यात्रियों के लिए नया खतरा पैदा कर सकते हैं। नासा की तरफ से यह बात उनके प्रमुख जिम ब्रिडेनस्टाइन ने कही। सोमवार को नासा के कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने भारत द्वारा पांच दिन पहले किए गए टेस्ट का जिक्र किया।

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आपको बता दें कि भारत ने पृथ्वी की निचली कक्षा में 300 किलोमीटर की रेंज पर मौजूद एक सैटलाइट को मार गिराया था। इसकी जानकारी खुद पीएम मोदी ने देश को दी थी। उन्होंने देश के नाम संबोधन में बताया था कि ऐसा करके भारत ने स्पेस पावर के तौर पर खुद को स्थापित किया है। उन्होंने बताया था कि भारत का यह ऐंटी-सैटलाइट मिसाइल पूरी तरह से स्वदेशी है। इस टेस्ट को चिर-प्रतिद्वंद्वियों पाकिस्तान और चीन के लिए कड़ा संदेश भी माना जा रहा था। 

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ब्रिडेनस्टाइन के मुताबिक, सभी टुकड़े इतने बड़े नहीं हैं जिन्हें ट्रैक किया जा सके। उन्होंने कहा, 'हमारी उसपर नजर है। बड़े टुकड़े ट्रैक हो रहे हैं। हम लोग 10 सेंटीमीटर (6 इंच) से बड़े टुकड़ों की बात कर रहे हैं। ऐसे अबतक 60 टुकड़े मिले हैं।' उन्होंने कहा कि यह टेस्ट आईएसएस समेत कक्षा में मौजूद बाकी सभी सैटलाइट से नीचे किया गया था। लेकिन अब इसके करीब 24 टुकड़े इंटरनैशनल स्पेस स्टेशन के ऊपर चले गए हैं।  नासा चीफ ने आगे कहा, 'यह भयानक, बेहद भयानक है कि ऐसा काम किया गया जिससे मलबा अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन से भी ऊपर जा रहा है। ऐसी गतिविधियों की वजह से भविष्य में मानव को अंतरिक्ष में भेजना मुश्किल हो जाएगा।' वह यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे टेस्ट उन्हें स्वीकार नहीं हैं और नासा इसके असर को बिल्कुल साफ बताना चाहता है। 

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Web Title: NASA statement on india Mission Shakti in Space

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