image

एक अध्ययन में पाया गया कि करीब 6.6 करोड़ साल पहले जिस क्षुद्रग्रह के प्रभाव से पृथ्वी से डायनासोर की प्रजाति नष्ट हो गई थी, संभावना है कि उससे आधी दुनिया की दूरी पर स्थित भारतीय उपमहाद्वीप में बड़े पैमाने पर ज्वालामुखी फटना फिर से शुरू हो गया था। पत्रिका ‘साइंस’ में प्रकाशित शोध में ‘दक्कन ट्रैप’ में ज्वालामुखी से लावा बहने की ज्यादा स्पष्ट तारीख हासिल की गई। इस शोध में पृथ्वी के इतिहास में भारी मात्र में लावा बहने की वजह पर प्रकाश डाला गया।

 अमरीका के कैलीफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले के वैज्ञानिकों ने बताया कि भारतीय उपमहाद्वीप में बड़े पैमाने पर ज्वालामुखी फटने की सटीक तारीख का पता अभी नहीं चला है। इस बड़ी घटना के साथ-साथ ही पृथ्वी से डायनासोर की प्रजाति लुप्त हो गई थी। कई वर्षो की हलचल के बाद भारतीय उपमहाद्वीप में लावा कम से कम 500 कि.मी. की दूरी तक फैल गया था, जिससे ‘दक्कन ट्रैप’ का निर्माण हुआ। कुछ जगहों पर इसकी मोटाई करीब 2 किलोमीटर तक रही।

DainikSavera APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS

Web Title: Asteroids collided with Earth, then the volcano erupted with dinosaurs

More News From technology

free stats