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कई बेहतरीन फिल्मों में काम कर चुकी भूमि पेडनेकर इस साल सुशांत सिंह राजपूत के साथ ‘सोनचिड़िया’ में नजर आई। फिल्म को दर्शकों का भले ही कोई खास प्यार नहीं मिला लेकिन क्रिटिक्स की ओर से भूमि पेडनेकर की एक्टिंग को काफी सराहा गया। आने वाले समय में भूमि की झोली में कई फिल्में हैं। प्रस्तुत है भूमि से की गई बातचीत के अंश :

आने वाले समय में आप किन फिल्मों का हिस्सा हैं?
आने वाले समय में मैं कई फिल्मों का हिस्सा हूं जो काफी एंटरटेनिंग हैं और आशा करती हूं कि दर्शकों को ये सभी फिल्में पसंद भी आएं। सबसे पहले तो मैं 25 अक्तूबर को रिलीज होने वाली ‘सांड की आंख’ में दिखाई देने वाली हूं। फिल्म में मेरे साथ तापसी पन्नू हैं। यह उत्तर प्रदेश के बागपत डिस्ट्रिक्ट में रहने
वाली शार्पशूटर्स चंद्रो तोमर और प्रकाशी तोमर की जिंदगी पर आधारित है। मैं फिल्म में चंद्रो और तापसी, प्रकाशी तोमर के किरदार में हैं। इस बायोपिक फिल्म को प्रकाश हीरानंदानी ने डायरैक्ट किया है।

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22 नवंबर में रिलीज होने वाली ‘बाला’ में मैं यामी गौतम और आयुष्मान खुराना के साथ हूं। इसमें आयुष्मान एक ऐसे व्यक्ति का किरदार निभा रहे हैं जो बूढ़ा होने से पहले ही गंजा हो जाता है। इस सैटायरिकल ब्लैक कॉमेडी को अमर कौशिक ने डायरैक्ट किया है। 6 दिसंबर को रिलीज हो रही मुदस्सर अज़ीज़ द्वारा निर्देशित और भूषण कुमार निर्मित यह फिल्म 1978 में आई इसी नाम की फिल्म का रीमेक है। इस फिल्म में कार्तिक आर्यन और अनन्या पंडे भी हैं। करण जौहर द्वारा निर्मित हॉरर फिल्म ‘भूत - पार्ट वन : द हॉन्टेड शिप’ का भी हिस्सा हूं, जिसमें मेरे साथ विक्की कॉशल हैं। यह फिल्म 15 नवंबर को आएगी। इसके अलावा अलंकृता श्रीवास्तव द्वारा निर्देशित फिल्म ‘डॉली किट्टी और वे चमकते सितारे’ में मैं कोंकणा सेन शर्मा के साथ हूं।

आयुष्मान खुराना के साथ काम करने को लेकर क्या कहेंगी?
वह मेरे प्रिय दोस्त हैं। उनके साथ अब तक मैं तीन फिल्में कर चुकी हूं। वह मेरे दिल के इसलिए भी सबसे करीब हैं क्योंकि मेरी पहली फिल्म उनके साथ थी। आगे भी उनके साथ काम करने के लिए तैयार हूं।

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‘सांड की आंख’ बायोग्राफिकल फिल्म है। इसके लिए आपने क्या खास तैयारियां कीं?
‘सांड की आंख’ के लिए मैंने और तापसी पन्नू ने ‘चंद्रो तोमर’ और ‘प्रकाशी तोमर’ के किरदार में ढलने के लिए बहुत सी तैयारियां कीं। हम दोनों ने उनके साथ काफी समय बिताया ताकि हम लोग उनकी जिंदगी के बारे में अच्छे से जान सकें। हम जान सकें कि उनकी दिनचर्या, उनका रवैय्या कैसा है, उन्होंने अपनी जिंदगी में किन संघर्षों का सामना किया और वे कैसे शार्पशूटर्स बनीं। मैंने और तापसी ने ये भी नोटिस किया है कि वे बोलती कैसे हैं। इन सभी चीजों पर हमने फोकस किया। सबसे खास तैयारी जो हमने की वह थी बंदूक चलाने की इसे चलाने के लिए काफी प्रैक्टिस की है।

अलंकृता श्रीवास्तव के साथ काम करके कैसा लग रहा है?
अलंकृता की तो मैं उस समय से फैन हूं जबसे मैंने उनकी ‘लिपस्टिक अंडर माय बुर्का’ देखी है। उनका सिनेमा दिल को छू जाता है। मैं उनके लिए
काम करने के लिए बेताब थी। वह बेहद अच्छी डायरैक्टर हैं। अब एक बार फिर अलंकृता एक ऐसी फिल्म लेकर आ रही हैं, जिसकी कहानी दर्शकों को बेहद प्रभावित करेगी। जब मैंने यह कहानी पढ़ी थी तो मैं इस पर काम शुरू करने के लिए बेसब्र हो गई थी और अब इस फिल्म की रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रही हूं।

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फिल्मों में कदम रखने से पहले आप कास्टिंग डायरैक्टर थीं। कितनी अलग है एक्टिंग से पहले और बाद की दुनिया?
मैंने बतौर कास्टिंग डायरैक्टर अपने संघर्ष के दिनों में काम किया था। वह एक संरक्षण के दायरे में रहने वाला काम था। साथ काम करने वाले सभी लोग उत्साह बढ़ाते रहते थे। मुझे लगता है कि मैं इस मायने में बेहद खुशकिस्मत हूं। जिस किस्म का महत्व आज महिलाओं को मिल रहा है, वह पहले कभी नहीं मिला। शायद यही वजह है कि आज महिला प्रधान फिल्में ज्यादा बन रही हैं। यह एक बड़ा बदलाव है। फिल्म इंडस्ट्री अब बेहद प्रोफैशनल हो चुकी है। फिल्म बनाने वाले अब यह समझ चुके हैं कि अच्छी कहानियों का कोई विकल्प नहीं है। आपको दर्शकों के लिए ऐसी कहानियां और किरदार तलाशने ही होंगे, जो लंबे समय तक याद रखे जा सकें। औसत फिल्मों का दौर अब जा चुका है। हां, कुछ एक अपवाद हो सकते हैं कि औसत फिल्में भी अच्छी कमाई कर लेती हैं, पर अब ज्यादातर मामलों में ऐसा नहीं होता। अब गुणवत्ता का स्तर बहुत ऊपर जा चुका है।

आप किस आधार पर किसी फिल्म में काम करने के लिए हामी भरती हैं?
ऐसी कोई विशेष प्रक्रिया नहीं है। मैं बस स्क्रिप्ट पढ़ती हूं और अपने दिल की आवाज सुनती हूं। बस, मुझे पता लग जाता है कि किस फिल्म में काम करना है और किस में नहीं। फिल्म का निर्देशक कौन है, इस बात से मुझे बहुत फर्क नहीं पड़ता। मुझे ऐसे कई निर्देशकों के साथ काम करने का सौभाग्य मिला, जो बेहद प्रतिभाशाली हैं और जिनकी पहली फिल्म का प्रस्ताव मुझे मिला था। मुझे प्रयोग करते रहना पसंद है।

शादी कब तक करने का इरादा है? 
फिलहाल तो शादी करने का कोई विचार नहीं है क्योंकि मैं अपने करियर पर फोकस कर रही हूं। मेरे पास भगवान की कृपा से काम भी बहुत है इसलिए शादी के बारे में तो मेरे पास सोचने का भी वक्त नहीं है।

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Web Title: latest entertainment news about Bhumi Pednekar

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