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फिल्म इंडस्ट्री में जहां आज कई अभिनेता विलेन के रुप में मशहूर हुए वहीं 50 से 70 के दशक में भी कई दिग्गज अभिनेता ऐसे हुए जिन्हाेंने शानदार विलेन के किरदार से दर्शकाें का दिल जीत लिया। जहां हीराे दर्शकाें के दिलाे पर अपनी छाप छाेड़ते थे वैसे ही विलेन भी आज लाखाें-कराड़ाें दर्शकाें के दिलाे पर राज करते हैं। बताते चलें कि आज अभिनेता प्राण की बर्थ एनिवर्सरी है। ताे आइए आपकाे बताते हैं इनसे जुड़ा बेहद खास किस्सा। 

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फिल्म इंडस्ट्री के खलनायक प्राण की ज़िंदगी की कहानी कुछ इस तरह की है, जिससे लोग प्रेरणा ले सकते हैं। दर्शकों में वो अपने किरदार के प्रति नफरत पैदा कर देते थे, लेकिन कहा जाता है कि पर्दे से परे वो बहुत ही बड़े दिल के व्यक्ति थे। बंटवारे से पहले उन्होंने अपना करियर बतौर फोटोग्राफर शुरू किया था, इस दाैरान उनकी मुलाकात एक फिल्म निर्माता से हुई।

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जिसके बाद इन्हें बड़े पर्दे पर सन 1940 में फिल्म ‘यमला जट’ में काम करने का माैका मिला। यह सफर साठ दशकों तक चलता रहा। अभिनेता प्राण की जिंदादिली और संजीदा मिजाज को उनके चाहने वाले लोग बेहद पसंद करते थे। उनका जन्म एक सरकारी ठेकेदार लाला केवल कृष्ण सिंकद के घर 12 फरवरी 1920 को दिल्ली में हुआ। नसैर्गिक प्रतिभा के धनी कलाकार कहे जाने वाले प्राण की पढ़ाई-लिखाई कपूरथला, उन्नाव, मेरठ, देहरादून और रामपुर जैसे शहरों में हुई। साल 1945 में प्राण की शादी शुक्ला से हुई जिनसे उन्हें दो बेटे अरविंद और सुनील व एक बेटी पिंकी हुईं।

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वहां से फिर बंटवारे के बाद प्राण को अपना फिल्मी करियर मुंबई आकर दोबारा शुरू करना पड़ा, मुंबई में प्राण को कई दुश्वारियों का सामना करना पड़ा। काम मिलने में मुश्किल हो रही थी और वे लगभग अपनी हिम्मत छोड़ चुके थे, लेकिन उनकी मुलाक़ात लेखक सादत हसन मंटो से हुई। जिन्होंने उन्हें साल 1948 में देव आंनद अभिनीत फिल्म जिद्दी में रोल दिलाने में मदद की। जिसके बाद अपने करियर में उन्होंने 400 से भी ज्यादा फिल्मों में काम किया। बड़े पर्द पर उनकी अदाकारी दर्शकों पर गज़ब का असर डालती थी।

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आज भी अगर आप इनकी फिल्में देखेंगे ताे इनके अंदाज के कायल हाे जाएंगे। इन्हाेंने कश्मीर की कली, खानदान, औरत, बड़ी बहन, जिस देश में गंगा बहती है, हॉफ टिकट, उपकार, पूरब और पश्चिम और डॉन जैसी सुपरहिट फिल्माें में अपने शानदार किरदार से सबका दिल जीत लिया। पर्दे पर उनकी मौजूदगी डर पैदा करती थी और इस डर का यह आलम था कि लोगों ने एक समय अपने बच्चों के नाम प्राण रखना छोड़ दिया था। वे शायद सिल्वर स्क्रीन के उन गिने चुने खलनायकों में से थे, जिन्हें दर्शकों में सबसे ज्यादा नफरत मिली हो। यह प्राण की अदाकारी ही थी कि मनोज कुमार की उपकार में उन्होंने मलंग चाचा के किरदार को यादगार बना दिया और लोग उनसे मोहब्बत करने लगे। इस दिग्गज अभिनेता ने 12 जुलाई 2013 में दुनिया काे अलविदा कह दिया था। लेकिन ये दर्शकाें के दिलाे में हमेशा जिंदा रहेंगे। 

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Web Title: Birthday Special Story On Actor Pran

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