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बांदा: बांदा की एक अदालत ने दहेज के लिए हत्या के एक मामले में दोषी पति को दस साल कैद की सजा सुनाई है और उस पर 7000 रुपये जुर्माना भी लगाया है।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार तिवारी ने मंगलवार को बताया कि पतरहा गांव के निवासी प्रमोद साहू ने नरैनी कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी जिसके अनुसार उसने अपनी बेटी मीरा की शादी 27 जून 2012 को पनगरा गांव निवासी अनिल साहू के साथ कराई थी। शादी के दो साल बाद ससुराल पक्ष ने 60 हजार रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न करने पर मीरा को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। 

प्राथमिकी के अनुसार 21 नवंबर 2016 को अनिल, उसके माता-पिता और बड़े भाई ने मीरा से मारपीट करने के बाद रस्सी से गला घोंट कर उसकी हत्या कर दी और इसे आत्महत्या का रूप देने के लिए उसे फांसी के फंदे पर लटका दिया।

तिवारी ने बताया कि पुलिस द्वारा अदालत में दाखिल आरोप पत्र का अवलोकन करने और अभियोजन एवं बचाव पक्ष के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) साकेत बिहारी दीपक की अदालत ने सोमवार को अनिल साहू को दहेज हत्या का दोषी पाते हुए उसे 10 साल कैद की सजा सुनाई और उस पर सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। मीरा की सास, ससुर और जेठ को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया है। 

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Web Title: Ten-year-old husband convicted for murder for dowry

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