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एक ही आपरेटिंग सिस्टम पर काम करने की आदत बना चुके उद्यमियों और पेशेवरों को यह जानकर हैरत होगी कि अगर वह कुछ जेब ढीली कर नवीनतम तकनीक से लैस कम्प्यूटरों का इस्तेमाल करें तो अप्रत्यक्ष रूप से उन्हे लाखों रुपए की बचत हो सकती है। माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी एक सर्वेक्षण रिपोर्ट में दावा किया है कि 4 साल से पुराने पीसी का उपयोग कर रहे उद्यमियों को प्रति डिवाइस 93 हजार 500 रुपए खर्च करने पड़ते हैं।

मध्यम एवं लघु उद्योग (एसएमई) पर किए गए सर्वेक्षण के परिणामों पर आधारित ‘टैकआइल’ में खुलासा किया गया है कि पुराने पीसी का इस्तेमाल करने से मरम्मत, उत्पादकता की कमी एवं सुरक्षा में जोखिम के चलते उपयोगकर्ता को यह अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। सर्वेक्षण में यह भी पता चला है कि 4 साल से पुराने एक पीसी की रखरखाव में आने वाले लागत पर 3 या अधिक आधुनिक पीसी खरीदे जा सकते हैं। 

यह सर्वेक्षण लखनऊ और भारत के 20 अन्य शहरों में एसएमई पर किया गया। माइक्रोसॉफ्ट इंडिया की ग्रुप डायरैक्टर फरहाना हक ने यहां पत्रकारों को बताया कि उत्तर प्रदेश में 89 लाख से अधिक एमएसएमई हैं, जो देश में सबसे अधिक है। यह उद्यम 1.65 करोड़ से अधिक लोगों को रोज़गार देते हैं। सीआईआई की रिपोर्ट के अनुसार एमएसएमई राज्य के ओद्यौगिक आउटपुट में तकरीबन 60 फीसदी का योगदान देते हैं। 

पीसी यानि पर्सनल कम्प्यूटर एसएमई के संचालन में बेहतर दक्षता, बेहतर उत्पादकता और बेहतर विकास के लिए मार्ग प्रशस्त करते हैं। हालांकि जब एक पीसी 4 साल से अधिक पुराना हो जाता है, इसके इस्तेमाल की लागत कई गुना बढ़ जाती है। यह अतिरिक्त लागत पीसी की मरम्मत, रखरखाव, उत्पादकता में कमी की वजह से होती है। 

हक ने बताया कि सर्वेक्षण में पाया गया कि एसएमई नए पीसी खरीदने से घबराते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि वर्तमान में वे जिन एप्लीकेशन्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, वे अपग्रेडेड पीसी पर काम नहीं करेंगे, या उनके पास नए पीसी खरीदने के लिए धनराशि नहीं होती। एसएमई मालिक अक्सर अल्पकालिक लागत पर ध्यान केन्द्रित करते हैं, जो •यादातर मामलों में सही नहीं होता, बल्कि अक्सर इसकी वज़ह से ज्यादा लागत आती है। ज्यादातर मामलों में पुराने पीसी की मरम्मत पर खर्च होने वाली लागत नए पीसी की खरीद की तुलना में अधिक होती है।

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Web Title: Leave the old computer's fascination, save millions of rupees: Microsoft

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