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भारत में वर्चुअल असिस्टेंट का ट्रेंड बहुत बढ़ गया है। इसी कड़ी में Alexa की बात करें तो मौजूदा समय में AI से लैस ये एक पॉपुलर वर्चुअल असिस्टेंट डिवाइस बन गया है। अमेज़न एलेक्सा के वाइस प्रेसिडेंट और हेड साइंटिस्ट रोहित प्रसाद ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा कि एलेक्सा भारत जैसे विविधता से भरे देश के लिए कई अवसर प्रदान करता है। भारत जैसे देश में जहां सभी लोग लिखना नहीं जानते, ऐसे में एलेक्सा जैसी टेक्नोलॉजी उन्हें बोलकर काम करवाने की सुविधा देती है। मगर भारत जैसे देश में एक चीज़ को लेकर एलेक्सा को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

भारत एक ऐसा देश है, जहां कई भाषाएं बोली जाती हैं और यही Alexa के लिए बड़ा चैलेंज है। हालांकि एलेक्सा 14 भाषाओं को सपोर्ट करता है, मगर फिर भी इसके सामने कई बार दिक्कत आती है। एलेक्सा के लिए भाषाओं से ज़्यादा भारत का कल्चर परेशानी बन जाता है, जो कि लोगों के सवाल पूछने पर उसे कंफ्यूज़ कर देता है। रोहित ने विस्तार से बताया कि भारत में लोग ‘Hinglish’ का ज़्यादा इस्तेमाल करते हैं। जिससे Alexa समझ नहीं पाती है कि वो क्या पूछना चाह रहे हैं।

रोहित ने समझाते हुए कुछ सवाल बताए जैसे, जब लोग पूछते हैं ‘एलेक्सा, आज वेदर कैसा है’ या फिर ‘एलेक्सा, ऐड नमक, मिर्च टू माई शॉपिंग लिस्ट’। तो एलेक्सा को इसमें दो भाषाओं को प्रोसेस करना पड़ता है। हम भारतीयों में हर नाम के आगे 'जी' लगाने की आदत होती है, जिसे समझना-बूझना एलेक्सा के लिए खासी मशक्कत का काम साबित होता है। कोई चुटकुला किसी एक वर्ग के लिए मजेदार होता है तो किसी दूसरे के लिए अपमानजनक भी हो सकती है। विविधताओं से भरे भारत में एलेक्सा जैसी टेक्नोलॉजी के लिए यह एक बड़ी मुश्किल है, जिस पर हम काम कर रहे हैं।

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Web Title: To understand Indians is difficult for Alexa, asks such Confusing questions

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