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नई दिल्लीः सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक ने अपनी क्रिप्टोकरेंसी की जानकारी सार्वजनकि कर दी है। कंपनी की इस करेंसी का नाम है ‘Libra’, जिससे खरीदारी करने या किसी को भेजने पर ज़ीरो फीस लगेगी यानी कि कोई एक्सट्रा चार्ज नहीं लगेगा। फेसबुक साल 2020 में लिब्रा क्रिप्टोकरेंसी के साथ ‘Calibra’ डिजिटल वॉलेट भी लॉन्च करेगा। फेसबुक की तरफ से मंगलवार को रिलीज़ किए गए व्हाइट पेपर में बताया गया कि Calibra ग्लोबल क्रिप्टोकरेंसी है, जिसे ब्लॉकचेन टेक्नॉलजी पर बनाया गया है, जो कि WhatsApp और Messenger में भी काम करेगा।

आखिर ये क्रिप्टोकरेंसी क्या बला है?

प्रत्येक देश की अपनी अलग-अलग मुद्रा होती है, जैसे-भारत में रुपया, अमेरिका में डॉलर यूरोप में यूरो आदि। दरअसल, यह भौतिक करेंसी होती हैं जिसे आप देख सकते हैं छू सकते हैं। लेकिन क्रिप्टो करेंसी इससे अलग होती है जो एक डिजिटल करेंसी है। इसे आप न तो देख सकते हैं, न छू सकते हैं।

ये कैसी करेंसी हुई गुरु

जमाना आधुनिक हो गया है तो मुद्रा भी होगी। क्रिप्टो करेंसी एक ऐसी ही आधुनिक करेंसी है जो कंप्यूटर एल्गोरिथ्म पर बनी होती है। यह एक स्वतंत्र मुद्रा है जिसका कोई मालिक नहीं होता। यह करेंसी किसी भी एक अथॉरिटी के काबू में भी नहीं होती। अमूमन रुपया, डॉलर, यूरो या अन्य मुद्राओं की तरह ही इस मुद्रा का संचालन किसी राज्य, देश, संस्था या सरकार द्वारा नहीं किया जाता। यह एक डिजिटल करेंसी होती है जिसके लिए क्रिप्टोग्राफी का प्रयोग किया जाता है। आमतौर पर इसका प्रयोग किसी सामान की खरीदारी या कोई सर्विस खरीदने के लिए किया जा सकता है।

अच्छा ये बात है

बता दें कि Libra पर फेसबुक का अकेले का कंट्रोल नहीं रहेगा, बल्कि इस क्रिप्टोकरेंसी बेस्ड प्रोजेक्ट के लिए मास्टर कार्ड, PayPal, वीजा, स्पॉटिफाई और स्ट्राइप जैसी कंपनियों ने पहले से ही फेसबुक को 10 मिलियन डॉलर्स दिए हैं, ताकि फेसबुक उन्हें अपने नेटवर्क में शामिल कर सके। इन कंपनियों के सभी प्लेटफॉर्म पर क्रिप्टोकरेंसी मान्य होगी और यूजर्स आसानी से मोबाइल रिचार्ज, टैक्सी पैमेंट और बिल पेमेंट कर सकेंगे।

फेसबुक का क्या कहना है? 

कंपनी के अधिकारी डेविड मार्केस का कहना है कि कैलिबरा से दुनिया के अरबों लोगों तक ओपन फाइनेंशियल इकोसिस्टम पहुंचाने की संभावना है। इस माध्यम के जरिए फेसबुक अपने ग्राहकों को बिना बैंक अकाउंट की सुविधा के ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने की सुविधा देगा। फेसबुक का कहना है कि वर्तमान में दुनिया में करोड़ों लोग अपने देश से बाहर रहकर कमाई करते हैं और अपने घरों पर पैसे भेजते हैं। एक देश से दूसरे देश में पैसा भेजने के लिए अभी लोगों को 25 अरब डॉलर का शुल्क अलग से चुकाना पड़ता है, लेकिन लिब्रा क्रिप्टोकरेंसी के आने के बाद लोग आसानी से बिना किसी चार्जेज़ के दूसरे देशों में पैसा भेज सकेंगे।

अब ये Calibra और Libra का क्या झमेला है?

आसानी से समझने के लिए बता दें कि ‘Bitcoin’ की तरह Libra भी एक क्रिप्टोकरेंसी की तरह काम करेगी। जबकि Calibra एक प्लैटफॉर्म है जहां Libra के ज़रिए यूज़र्स ट्रांजैक्शन कर सकेंगे। Libra एक जेनेवा बेस्ड नॉन प्रॉफिट एसोसिएशन है और इसका टार्गेट अरबों लोगों की आर्थिक तौर पर सर्व करने का है। कैलिब्रा कस्टमर अकाउंट सेक्योरिटी पॉलिसी के तहत यूज़र्स के बारे में सीमित जानकारी ही एक्सेस कर सकेगा। इतना ही नहीं कंपनी ने ये भी कहा है कि फेसबुक Calibra यूजर्स के डेटा को टार्गेट ऐड के लिए भी यूज नहीं करेगी। हालांकि कंपनी ने कहा है कि लिमिटेड केस में कंपनी यूजर को सेफ रखने के मकसद से डेटा यूज कर सकती है। लिबरा के साथ-साथ कंपनी इसके लिए एक समर्पित सपोर्ट भी लॉन्च करेगी जिससे अगर फोन खो जाए या यूज़र पासवर्ड भूल जाए तो भी इसका इस्तेमाल कर सके। साथ ही कंपनी ने कहा है कि अगर कैलिब्रा इस्तेमाल के ज़रिए कोई फ्रॉड भी होता है तो उसकी भरपाई कंपनी की ओर से की जाएगी।

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Web Title: Facebook launches its cryptocurrencies, will get rid of extra charge for sending money

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