Xi Jinping

शी चिनफिंग ने चीन अफ्रीका विशेष बैठक में सुझाव दिये

17 जून की रात शी चिनफिंग ने पेइचिंग में वीडियो कांफ्रेस के जरिये चीन-अफ्रीका विशेष शिखर बैठक की अध्यक्षता की। कोविड-19 महामारी के मुकाबले के लिए उन्होंने तीसरी बार अंतरराष्ट्रीय बहुपक्षीय बैठक में भाग लिया। चीन और अफ्रीकी देशों के नेताओं ने एकजुट होकर महामारी से संघर्ष करने और चीन अफ्रीका सहयोग बढ़ाने पर विचार किया। यह शिखर बैठक चीन, अफ्रीकी संघ के वर्तमान अध्यक्ष देश दक्षिण अफ्रीका और चीन-अफ्रीका सहयोग मंच के सह-अध्यक्ष देश सेनेगल द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित थी।

इस शिखर बैठक में चीन और अफ्रीका ने एकजुटता की आवाज बुलंद की। राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा कि एकजुट होकर सहयोग करना महामारी के मुकाबले का सबसे शक्तिशाली हथियार है। हम महामारी का राजनीतिकरण करने, वायरस का तमगा लगाने या वायरस को किसी देश के साथ जोड़ने, नसलवाद और विचारधारा के पक्षपात का विरोध करते हैं। हम अंतरराष्ट्रीय न्याय और निष्पक्षता की डटकर सुरक्षा करते हैं। शिखर बैठक पर जारी संयुक्त ब्यान में कहा गया कि अफ्रीकी देश थाईवान और हांगकांग सवाल पर चीनी पक्ष का समर्थन करते हैं और चीन की हांगकांग में राष्ट्रीय सुरक्षा बनाए रखने की कोशिशों का समर्थन करते हैं।

शिखर बैठक में शी चिनफिंग ने अपने भाषण में कहा कि चीन व्यावहारिक कदमों से अपने वायदों का पालन करेगा और महामारी के संघर्ष के अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए योगदान देगा। उन्होंने कहा कि चीनी पक्ष महामारी के मुकाबले में अफ्रीकी देशों का पूरा समर्थन करता रहेगा। उन्होंने वायदा किया कि चीन के कोविड-19 टीके के विकास और प्रयोग के बाद अफ्रीकी देशों को पहले लाभ मिलेगा। जैसे शी चिनफिंग ने शिखर बैठक में कहा कि महामारी के सामने चीन और अफ्रीका अधिक एकजुट हो गया है और मैत्री व पारस्परिक विश्वास अधिक मजबूत हो गया है ।(साभार---मीडिया ग्रपु ,पेइचिंग)