Xi Chinfing

शी चिनफिंगः जनता को प्राथमिकता देने की जरूरत

इस साल के एनपीसी और सीपीपीसीसी सम्मेलनों के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने एनपीसी के प्रतिनिधियों और सीपीपीसीसी के सदस्यों से मुलाकात करते समय कई बार इस बात पर जोर दिया कि जनता को प्राथमिकता देनी चाहिए।  इस साल एक असाधारण वर्ष है। इस साल की शुरूआत से कोविड-19 का प्रकोप आया। चीन ने करीब तीन महीने में महामारी की रोकथाम में अहम उपलब्धियां हासिल कीं। इस साल के दो सम्मेलनों के दौरान महामारी की रोकथाम और आर्थिक विकास के विषयों ने लोगों का ध्यान खींचा है।

जनता को प्राथमिकता देने का क्या मतलब है? शी चिनफिंग ने प्रतिनिधियों के साथ बातचीत में कहा कि हुबेई में 80 साल की उम्र से ऊपर कुल 3000 मरीजों का उपचार किया, जिन में एक 87 वर्षीय वृद्ध व्यक्ति ने कई दिनों तक 10 चिकित्सकों की देखभाल के बाद अस्पताल को छोड़ा । यही है जनता को केंद्र में रखने की विचारधारा का प्रतिबिंब।

महामारी की रोकथाम में जनता को केंद्र में रखने की जरूरत है, जबकि आर्थिक विकास को स्थिर बनाने के लिए जन-जीवन पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। इस साल चीन में 13वीं पंचवर्षीय योजना का अंतिम साल है। चीन खुशहाल समाज का निर्माण को पूरा करने और अति गरीबी उन्मूलन करने के दो ऐतिहासिक विकास लक्ष्यों को पूरा करेगा। चीनी जन मुक्ति सेना के प्रतिनिधियों से मुलाकात में शी चिनफिंग ने जोर दिया कि चीनी सेना को अपनी चिकित्सा अनुसंधान की श्रेष्ठता का प्रयास कर कोविड-19 के टीके के अध्ययन को तेज़ करना चाहिए।

इस साल के दो सम्मेलनों में शी चिनफिंग ने जो बातें कही, उनमें जनता के केंद्र वाली विकास विचारधारा जाहिर हुई है। चाहे कितनी बड़ी चुनौतियों या दबाव का सामना करना पड़े, कितनी बड़ी कीमत देनी पड़े, चीन जनता का जीवन और बेहतर बनाने की कोशिश करेगा। 
(साभार---चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)