China

इतिहास में सबसे खराब विदेश मंत्री अमेरिका को ब्लैक होल में खींच रहे हैं

न्यूयार्क टाइम्स की वेबसाइट ने हाल में एक लेख जारी कर कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पेओ अमेरिकी इतिहास में सब से खराब विदेश मंत्री हैं। उन्होंने कोई राजनयिक सफलता नहीं प्राप्त की है। मार्च के अंत में वाशिंगटन पोस्ट ने भी पोम्पेओ को इतिहास में सब से खराब विदेश मंत्रियों में से एक बताया। अमेरिका में महामारी की स्थिति दिन ब दिन गंभीर होने केमद्देनजर अमेरिकी समाज ने जान लिया है कि अमेरिकी नागरिकों के जीवन और राष्ट्रीय हित पर पोम्पेओ का भारी नुकसान है।
चीन को बदनाम करने से गठबंधन देश को धमकी देने तक पोम्पेओ ने पूरी कोशिश की। पोम्पेओ की नजर में कोई गठबंधन देश नहीं है। वे सब अपने राजनीतिक उपकरण हैं। यूरोपीय आयोग के भूतपूर्व अध्यक्ष डोनाल्डतुस्क ने भी जान लिया कि अमेरिका जैसा मित्र होने से कौन शत्रुता चाहता है?
चीन ने अमेरिकाको 12 अरब से अधिकमास्कोंका निर्यात किया। यानी लगभग हरेक अमेरिकी के लिए 40 मास्क प्रदान किए हैं। जबकि पोम्पेओ के नेतृत्व वाले कुछ अमेरिकी राजनेताओं ने इसे नजरअंदाज कर चीन पर प्रहार करने और चीन-अमेरिका संबंधों और चीनी और अमेरिकी जनता के समान हितों को नुकसान पहुंचाने की कुचेष्टा की हैं।

हंसी की बात है कि पोम्पेओ ने अमेरिका को अंतर्राष्ट्रीय महामारी का मुकाबला करने की नेतृत्व शक्ति भी बताई और चीन की सहायता पर प्रहार किया। मानवतावादी भावना और जान को बचाने पर ख्याल करते चीन सरकार और चीन के विभिन्न तबकों के लोगों ने अमेरिका को अनेक चिकित्सक सामग्री दान में दी। साथ ही चीन ने अमेरिका द्वारा चीन में चिकित्सक सामग्री की खरीदारी के लिए सुविधा भी दी।

महामारी के प्रकोप के बाद पोम्पेओ ने डब्ल्यूएचओ को पैसे न देने की प्रेरणा दी, महामारी के बहाने ईरान और क्यूबा के खिलाफ नये प्रतिबंध लगाये, जिससे नया मानवतावादी आपदा पैदा हुई। क्या ये सब पोम्पेओ के कहने में अंतर्राष्ट्रीय महामारी मुकाबला का नेतृत्व करने का प्रतीक हैं? हाल में अमेरिका में महामारी से मरने वाले लोगों की संख्या 1 लाख को पार कर चुकी है। पोम्पेओअमेरिका को ब्लैकहोल में खींच रहे हैं।

(साभार---चाइना मीडियाग्रुप ,पेइचिंग)