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वुहान शहर के खुलने से विश्व को विजय की किरण नजर आयी

8 अप्रैल को नये कोरोना वायरस महामारी से ग्रस्त चीन के वुहान शहर का लॉकडाउन हटाया दिया गया। वुहान शहर में 75 मार्ग नियंत्रण स्टेशनों को साथ-साथ हटाया गया। 23 जनवरी को वुहान शहर को बन्द किया गया और इसे एक बार फिर खुलने से 76 दिन हो चुके हैं। 

वुहान शहर की सड़क पर घूम रहे नागरिक श्या ने कहा कि हमें विश्वास हुआ कि महामारी पर विजय जरूर ही हासिल की जाएगी। और यह सबकुछ संपन्न है। दूसरे नागरिक मा ने कहा कि वह अपनी कंपनी के नुकसान को वापस जीतने के लिए कोशिश करेंगे। ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के अनुसंधान के अनुसार अगर महामारी फैलने के शुरू में प्रतिबंध नहीं लगाया होता, तो वुहान के बाहर चीनी क्षेत्रों में रोगियों की संख्या सात लाख तक जा पहुंचती। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 5 अप्रैल को यह प्रकट किया कि चीन के महामारी रोकथाम की स्थिति सहज हो गयी है। लेकिन विश्व के अनेक क्षेत्रों में महामारी का फैलाव जारी रहा है। 8 अप्रैल तक अमेरिका में नये कोरोना वायरस से संक्रमित रोगियों की संख्या 3.8 लाख और मृतकों की संख्या 12 हजार तक जा पहुंची है।

कन्या के अखबार "नेशनल डेली" ने कहा कि चीन और दक्षिण कोरिया महामारी को रोकने में समर्थ होने का श्रेय, इन की क्रियावादी गति, तकनीक और संस्कृति को जाता है। इन देशों के लोग सरकार के नियमों का पालन करते हैं। युगांडा के अखबार "नया विजन" ने अपने देश के लोगों से चीनी लोगों की अनुशासन क्षमता सीखने की अपील की। अनेक विदेशी मीडियाओं ने यह सारांश किया कि चीन सरकार को लोगों के जुटने की सुपर क्षमता प्राप्त है। दूसरी बात है कि चीनी लोगों की एकता साबित है। और सरकार के द्वारा दी गयी रोकथाम और नियंत्रण नीतियों का सख्ती से कार्यांवयन किया जा सकता है। 

वायरस सभी मानव जाति के लिए एक आपदा है और वह नस्ल, जाति और रंग भेद नहीं मानता है। महामारी से ग्रस्त वुहान शहर को एक बार फिर खोला गया है। आशा है कि पूरे विश्व के लोग एकता से वैज्ञानिक, न्यायतापूर्ण और सहयोगी रुख से काम करें, तो महामारी को जल्द ही खत्म किया जा सकेगा। 
(साभार-चाइना रेडियो इंटरनेशनल, पेइचिंग)