Xi Chinfing

वर्ल्ड हेल्थ असेंबली में शी चिनफिंग का भाषण क्यों है ख़ास ? जानिए अखिल पाराशर के विश्लेषण से

(लेखक : अखिल पाराशर, चाइना मीडिया ग्रुप में पत्रकार हैं)
गत सोमवार को जिनेवा में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हो रही वर्ल्ड हेल्थ असेंबली की 73वीं सालाना बैठक में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने जो भाषण दिया, उससे साफ हो गया कि चीन एक जिम्मेदाराना देश है और कोरोनावायरस से ग्रस्त देशों के लिए फिक्रमंद है। 

दरअसल, वर्ल्ड हेल्थ असेंबली, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन के फैसले लेने वाली सबसे बड़ी बॉडी है, ऐसे वक्त में हो रही है जब दुनियाभर में कोरोना के 48 लाख से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं और तीन लाख 17 हजार से ज्यादा लोग मारे गए हैं। जाहिर है, इस बैठक में कोरोना का मुद्दा छाया रहा। उस बैठक में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने एक महत्वपूर्ण भाषण दिया जिसमें उन्होंने तमाम बातों और आह्वानों पर रोशनी डाली, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रशंसा मिली। 

चीन के राष्ट्रपति शी जिनफिंग ने अपने भाषण में कोविड-19 से लड़ने के लिए अभूतपूर्व ऊर्जा के साथ काम करने का जिक्र किया और कहा कि चीनी लोगों ने अथक प्रयासों और अभूतपूर्व बलिदान से वायरस के खिलाफ युद्ध को जीत लिया है, और इसी के साथ चीन ने अपने नागरिकों के जीवन और स्वास्थ्य को सुरक्षित किया है।

राष्ट्रपति शी चिनफिंग का यह कहना साफ दर्शाता है कि कोरोना जैसी महामारी के खिलाफ एक साथ आने और एक के रूप में काम करने की सख्त जरुरत है। सभी के लिए स्वास्थ्य का एक वैश्विक समुदाय बनाने के लिए एक होना चाहिए। 

इसके अलावा, विश्व में महामारी-रोधी सहयोग की मजबूती के लिए शी चिनफिंग ने अपने भाषण में चीन के पांच सूत्रीय कदम भी घोषित किए, जिसमें चीन कोविड-19 से प्रभावित देशों, विशेष रूप से विकासशील देशों में आर्थिक और सामाजिक विकास के साथ मदद करने के लिए दो वर्षों में 2 अरब अमेरिकी डॉलर की अंतरराष्ट्रीय सहायता देगा। चीन संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर चीन में वैश्विक मानवतावादी आपातकालीन भंडारण और हब स्थापित करने के लिए काम करेगा।

इसके अलावा, चीन 30 चीन-अफ्रीका अस्पताल सहयोग तंत्र स्थापित करेगा और अफ्रीका सीडीसी मुख्यालय के निर्माण में तेजी लाने में मदद करेगा ताकि अफ्रीका की बीमारी नियंत्रण क्षमता को बढ़ाया जा सके। चीन में जब कोविड-19 वैक्सीन का विकास और परिनियोजन उपलब्ध होगा, तो उसे दुनिया के लिए सार्वजनिक किया जाएगा। 

साथ ही, चीन गरीब देशों के लिए ऋण सेवा निलंबन पहल को लागू करने के लिए अन्य जी20 सदस्यों के साथ काम करेगा। और चीन महामारी के सबसे ज्यादा प्रभावित देशों को समर्थन देने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ काम करेगा, ताकि वे वर्तमान कठिनाइयों से पार पा सकें।

राष्ट्रपति शी ने अपने भाषण में इस बात पर भी रोशनी डाली कि चीन ने कोरोना महामारी के दौरान पारदर्शिता और जिम्मेदारी से कदम उठाए हैं। वक्त रहते उसने दूसरे देशों को इसके बारे में जानकारी दी और इसकी रोकथाम और इलाज के तरीकों को दुनिया से साझा किया। चीनी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि चीन ने वो सभी प्रयास किए जो कर सकते थे जिनसे दुनिया के देशों की मदद हो सके। उन्होंने कहा कि चीन जांच में दुनिया को सहयोग करेगा।
(साभार-चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)