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हमने स्टेडियम को उच्च कुशलता वाले अस्पताल में बदलाः डॉक्टर यांग

10 मार्च को वुछान अस्थाई अस्पताल के अंतिम जत्थे के मरीजों को स्वस्थ होकर छुट्टी मिली। इसके साथ चीन के हुपेइ प्रांत के वुहान शहर में नोवेल कोरोना वायरस के मुकाबले के लिए स्थापित सभी 16  अस्थाई अस्पताल बंद हो गये हैं। सूत्रों के अनुसार महामारी के दौरान वुहान शहर में इस्तेमाल अस्थाई अस्पतालों ने 12 हज़ार से अधिक हल्के रूप से नोवेल कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज़ों का इलाज किया। अस्थाई अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों ने हमारे संवाददाता को बताया कि अस्थाई अस्पताल की स्थापना से न सिर्फ़ चीनी गति और चीनी शक्ति दिखाई गयी, बल्कि चीनी बुद्धिमता भी ज़ाहिर हुई है।

पूर्वी चीन के च्यांगसू प्रांत के नानचिंग शहर आये डॉक्टर योंगयोंगफंग ने बताया, मैं नानचिंग शहर के नंबर 2 अस्पताल का उपनिदेशक हूं। मैं मुख्य तौर पर संक्रमणकारी रोग और जिगर बीमारी से जुड़े काम करता हूं। वुहान की गंभीर स्थिति को देखकर इस फरवरी के शुरू में मैंने आवेदन किया कि अगर जरूरत पड़ती है तो मैं वुहान और हुपेइ आ सकता हूं।

9 फरवरी को यांगयोंगफंग च्यांगसू प्रांत की हुपेइ प्रांत की सहायता के लिए पांचवीं चिकित्सक टीम के साथ वुहान पहुंचे। इस टीम में 300 से अधिक चिकित्सक हैं, जो विभिन्न क्लिनिक विभागों से आये हैं। क्योंकि इस चिकित्सक टीम में संक्रमणकारी बीमारी का इलाज करने के अनुभव वाले चिकित्सक अधिक नहीं है। वुहान पहुंचने के बाद पहले दो दिन में यांगयोंगफंग ने नोवेल कोरोना वायरस निमोनिया के बुनियादी इलाज और व्यक्तिगत सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। चार दिन के बाद अस्थाई अस्पताल स्थापित हुआ और मरीजों को स्वीकार करने लगा। 

यांगयोंगफंग एक तरफ पहली पंक्ति में डॉक्टर थे और दूसरी तरफ वुहान विकास क्षेत्र खेल केंद्र अस्थाई अस्पताल के उपनिदेशक भी थे। उन्होंने बताया, सबसे पहले मरीजों की संख्या में तेज़ वृद्धि हुई। सिर्फ़ दो या तीन दिनों में सभी बेड्ज भर गये हैं ।एक हफ्ते से अधिक समय के बाद यांगयोंगफंग और उनके सहयोगियों ने अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पहले जत्थे के मरीजों को विदाई दी । इसके बाद हर दिन अस्पताल में छुट्टी पाने वाले मरीजों की संख्या अस्पताल में भर्ती कराये गये मरीजों की संख्या से अधिक हो गयी और कुछ समय के बाद अस्पताल में आने वाले मरीज़ बहुत कम हो गये हैं।

पाँच साल पहले यांगयोंगफंग ने सियारा लियोन की सहायता के लिए एबोला वायरस के मुकाबले में भाग लिया था। इस बार नोवेल कोरोना वायरस के प्रति वे शुरू से बहुत विवेकतापूर्ण और शांत रहे। उनका कहना है कि वुहान पहुंचने के बाद कुछ युवा डॉक्टरों और नर्सों को कुछ चिंता थी। समय बीतने के साथ उनकी चिंता और नर्वस दूर हो गयी।

वुहान के अस्थाई अस्पतालों ने आपात उपचार अस्पताल की भूमिका निभायी, जो चीन के सार्वजनिक स्वास्थ्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण काररवाई है। डॉक्टर यांगयोंगफंग ने कहा कि शुरू में कुछ मरीजों को अस्थाई अस्पताल के स्तर पर संदेह था। लेकिन तथ्यों से साबित है कि यह बड़ी महामारी की रोकथाम में एक कारगर और प्रभावी कदम है। अवश्य एक स्टेडियम को अस्पताल के रूप में बदलना उनके कैरियर में एक नया अनुभव है।

25 दिनों के निरंतर संघर्ष के बाद यांगयोंगफंग की चिकित्सक टीम ने अंतिम जत्थे के मरीजों को विदाई दी ।उनके दिल का भाव जटिल था। उन्होंने बताया, हमें यहां अधिक समय नहीं बीता है, लेकिन अस्पताल बंद होने के वक्त हमारा भाव जटिल था ।क्योंकि हमने यहां लड़ाई लड़ी। हमारे प्रयासों से एक अरसे से एक स्टेडियम अस्पताल के रूप में बदल गया है और उसका संचालन बहुत स्थिर और सकुशल रहा।

वुहान में सभी अस्पतालों की बंदी एक चरणबद्ध उपलब्धियों का प्रतीक है। यांगयोंगफंग की नज़र में वुहान में अस्थाई अस्पतालों की स्थापना से चीनी गति ,चीनी शक्ति और चीनी व्यवस्था का लाभ दिखाया गया है ,जिस में चीनी बुद्धिमदा निहित है।
(साभार---चाइना रेडियो इंटरनेशनल,पेइचिंग)