PM Modi

‘देश में अनलॉक फेज दो शुरू होगा, लॉकडाउन बढ़ने की अफवाहें निर्थक’

चंडीगढ़ : देश में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या से लॉकडाउन फिर से लगाए जाने की संभावनाएं अब समाप्त हो गई हैं। देश में आर्थिक गतिविधियां बढ़ रही हैं और अर्थ व्यवस्था धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत में कुछ बिंदुओं पर अपनी बात यूं रखी :
‘मुझे खुशी है कि कोरोना के बीच भी कुछ राज्य आर्थिक गतिविधि पर बल दे रहे हैं। इस आर्थिक विकास यात्र को तेजी देने का प्रयास कर रहे हैं। यह बहुत ही सुखद और मुझेसुनकर बड़ा आनंद मिला है। कुछ मुख्यमंत्री हैं, जिनके पास ढेर सारे अनुभव हैं। मगर मैं उनकी नहीं सुन पाऊंगा। वे अपने विचार जरूर मुङो भेजें। वे मुझे फोन पर भी बात कर सकते हैं। उनका स्वागत है। यह बात सही है कि आज जो बात निकलकर आई है, उसमें एक बात साफ होती है कि हमारे सामूहिक कमिटमेंट है, यह हमारी बहुत बड़ी ताकत है। हम सभी ने एक ही दिशा में कदम मिलाकर साथ चलने का प्रयास किया है। देश को इस चुनौती से बाहर निकालने के लिए आपकी हर किसी की बात करूं तो प्रतिबद्धता झलकती है। वह विश्वास है जो सफलता दिलाता है। हम मिलकर कोरोना को हराने के लिए, हर व्यक्ति का जीवन बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और दुनिया की तुलना में आज हमारी स्थिति उस हद तक चिंताजनक नहीं है। इन प्रयासों के बीच, संक्रमण के रोकथाम की कोशिशों के बीच, हमें जहां संभव हो, सावधानियां भी बरतनी हैं, लेकिन सामर्थवान भी बनना है। आर्थिक गतिविधियों को हमें तेज करना ही है। अब हमें अनलॉक फेज दो में जाना है। हमें अनलॉक-अनलॉक-अनलॉक की दिशा में ही कदम उठाते जाना है। जितना ज्यादा हम एथिक्स पर जोर देंगे, यह अपने आप लॉकडाउन का जो मेंटल प्रेशर है, अपने आप वह हट जाएगा। लॉकडाउन का समय बढ़ना, ये अफवाहें निर्थक हैं। हमें अनलॉक फेज दो में इन अनुभवों के आधार पर क्या चीजें ध्यान रखनी चाहिएं ताकि हमारे देश के नागरिकों को कोरोना के संकट में मुसीबतें न आएं, फिर भी उनका जीवन चले, आपके सुझाव मिलेंगे। मगर हमें लोगों को सचेत तो रखना ही है। वे इसे हलके में न लें। जितना जागरूकता पर बल देना होगा, देना पड़ेगा। हमने दुनिया के देशों में देखा है कि कैसा विनाश हो गया है। हमने अपने देश में वे स्थितियां आने नहीं देनी हैं। हमारे यहां नुकसान इससे बहुत बड़ा हो सकता है। मैं यही चाहता हूं कि गतिविधि बढ़ती जाए। आर्थिक गतिविधियों के इंडीकेटर्स, अभी जो खबरें मिल रही हैं, यानी अब धीरे-धीरे अर्थ व्यवस्था रफ्तार पकड़ने लगी है।’