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हिमाचल में जिलों के भीतर कर्फ्यू पास के बगैर आवागमन की छूट

शिमला: लॉकडाऊन में शहरों से घर गांव जाने के बेताब हजारों लोगों को जयराम सरकार ने राहत दी है। सरकार ने प्रदेश में जिलों के भीतर कर्फ्यू पास के बगैर आवाजाही की छूट दे दी है। अलबत्ता पुलिस जिला बद्दी को छोड़ कर एक से दूसरे जिला में आवागमन के लिए इंटर डिस्ट्रिक्ट परमिट आवश्यक होगा। मुख्ययमंत्री जयराम ठाकुर ने उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों व मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ वीडियो संवाद के दौरान यह बात कही। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिला में बनाए गए संस्थागत क्वारंटाइन सैंटरों में बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। साथ ही कहा कि अगर कोई चाहे तो भुगतान के आधार पर संस्थागत क्वारंटाइन हो सकता है। जाहिर है कि लोग होटलों अथवा गेस्ट हाउसों में भी भुगतान कर क्वारंटाइन में रह सकते हैं। कहा कि शीघ्र ही लगभग 300 विद्यार्थी यूक्रेन से चंडीगढ़ पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि इन सभी छात्रों को संस्थागत क्वारंटाइन में रखा जाएगा। 

उन्होंने कहा कि रैड जोन से आने वाले सभी लोगों और इंलुएंजा जैसे लक्षणों वाले सभी लोगों को संस्थागत क्वारंटाइन में रखा जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि राज्य में प्रवेश करने  वाले प्रत्येक व्यक्ति की पूरी तरह से चिकित्सकीय जांच की जानी चाहिए और उसके बाद ही यह तय किया जाएगा कि उसे संस्थागत क्वारंटाइन या होम क्वारंटाइन के अंतर्गत रखा जाना है। 

जयराम ठाकुर ने कहा कि बेंगलुरु से विशेष ट्रेन 13 मई को प्रात:6 बजे और गोवा से एक और विशेष ट्रेन 15 मई को ऊना पहुंचेंगी। उन्होंने उपायुक्त ऊना को निर्देश दिए कि बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की प्रदेश वापसी के सभी आवश्यक इंतजाम किए जाएं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और स्थिति सामान्य बनी रहे। उन्होंने कहा कि राज्य में आने वाले लोगों की चिकित्सा जांच सुनिश्चित करने के उपरांत ही उन्हें उनके संबंधित जिलों में जाने दिया जाए। उन्होंने कहा कि इन लोगों की सुविधाएं प्रदान के लिए भोजन के पैकेट, पानी आदि की व्यवस्था भी की जानी चाहिए। जयराम ठाकुर ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री टीएस रावत से बात कर वहां फंसे हिमाचलियों की सहायता प्रदान करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार फंसे हुए हिमाचलियों को देहरादून तक पहुंचाने की पर्याप्त व्यवस्था करने के लिए सहमत हो गई है,जहां से उन्हें उनके घरों तक  पहुंचाया जाएगा।