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Online Fraud

ऑनलाइन फ्रॉड से पैसे और डाटा की चोरी, आपको सेफ रखेंगी गूगल की सिक्योरिटी टिप्स

नई दिल्ली : ऑनलाइन फ्रॉड का खतरा बढ़ता जा रहा है। टैक्नोलॉजी अडवांस होने के साथ हैकर्स भी अब ज्यादा शातिर हो गए हैं और आसानी से ऑनलाइन सिक्योरिटी सिस्टम में सेंध लगा ले रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में ऑनलाइन होने वाली जालसाजी के ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें यूजर्स के बैंक अकाऊंट से लाखों रुपए चोरी कर लिए गए थे। पैसों की चोरी के साथ ही हैकर्स यूजर्स के डाटा को भी एक्सैस करके उसे डार्क वैब पर बेच देते हैं। गूगल भी इस तरह के स्कैम को लेकर अलर्ट है और उसने ऐसे फ्रॉड और हैकिंग के खतरे से बचने के लिए कुछ जरूरी बातें बताई हैं।
2 स्टैप वैरिफिकेशन का करें इस्तेमाल
ऑनलाइन सिक्योरिटी के लिए 2-स्टैप वैरिफिकेशन एक जरूरी प्रोसैस है। यह आपके डाटा की सेफ्टी के लिए काफी अहम है। इसे इनेबल करने के बाद यूजर्स को अपने अकाऊंट में एंटर करने के लिए यूनीक कोड और सैट किए गए पासवर्ड की जरूरत पड़ती है। यह आपके अकाऊंट और फोन को हैकर्स से सुरक्षित रखने में काफी मदद करता है।
रिकवरी ईमेल और मोबाइल नंबर
हैकिंग के मामले में रिकवरी ईमेल और मोबाइल नंबर की अहमियत काफी बढ़ जाती है। इसीलिए जरूरी है कि आप अकाऊंट की सिक्योरिटी के लिए एक रिकवरी मोबाइल नंबर और ईमेल तैयार रखें। यह गूगल अकाऊंट में किसी भी गलत एक्टिविटी के होने पर आपको अलर्ट 
कर देता है।
पासवर्ड मैनेजर 
है जरूरी
गूगल के मुताबिक एक आम यूजर को 120 से ज्यादा सेव किए गए पासवर्ड को मैनेज करने में दिक्कत होती है। पासवर्ड मैनेजर के इस्तेमाल से न सिर्फ पासवर्डस को याद रखने में मदद मिलती है बल्कि उनकी सिक्योरिटी भी बेहतर हो जाती है।
आप्रेटिंग सिस्टम, एप्स या दूसरे सॉफ्टवेयर को रखें अपडेट
टैक कंपनियां यूजर्स के डाटा की सिक्योरिटी के लिए समय-समय पर सॉफ्टवेयर अपडेट रोलआऊट करती हैं। डिवाइस पर इन अपडेट्स के आने पर नोटिफिकेशन मिलता है। इन नोटिफिकेशन्स को अनदेखा न करें। जरूरी है कि आप अपने स्मार्टफोन या कम्प्यूटर के लिए आए लेटेस्ट अपडेट को इंस्टॉल करें। ऐसा न करने पर हैकिंग या वायरस अटैक का खतरा काफी बढ़ जाता है।
गूगल सिक्योरिटी चैकअप चेकअप का करें इस्तेमाल
गूगल अपने यूजर्स को खास सिक्योरिटी चैकअप टूल देता है। इसके जरिए आप यह पता कर सकते हैं कि आपका पासवर्ड सेफ है या किसी ने उसे हैक कर लिया है। यह आपको उन डिवाइसेज की जानकारी भी देता है जिनपर आपने अपने अकाऊंट से साइन-इन किया है।
फिशिंग अटैक से बचें
फिशिंग अटैक से बचने के लिए आप पासवर्ड अलर्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह गूगल अकाऊंट को सेफ रखने का एक शानदार तरीका है। इसके जरिए आप अपने जीमेल और यूट्यूब अकाऊंट के डीटेल को सेफ रख सकते हैं। गूगल क्रोम पर अगर आप पासवर्ड अलर्ट एड करते हैं, तो आपको नॉन-गूगल साइट्स पर गूगल पासवर्ड के यूज किए जाने पर ऑटोमैटिक अलर्ट मिल जाएगा।