The Peito satellite system

पेइतो उपग्रह व्यवस्था से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष सहयोग को बड़ा बढ़ावा मिलेगा

चीनी पेइतो नेवेगेशन व्यवस्था की आधिकारिक वेबसाइट से मिली खबर अनुसार हाल ही में चीन का 55वां पेइतो नेंवेगेशन उपग्रह दक्षिण पश्चिमी चीन के सछ्वांग प्रांत के शीछांग प्रक्षेपण केंद्र में पहुचाया गया है ।यह पेइतो उपग्रह नेवेगेशन व्यवस्था का अंतिम उपग्रह है ।जब उसे अंतरिक्ष की कक्षा में पहुंचाया गया ,तो बीस से अधिक साल की कोशिशों के बाद चीनी पेइतो व्यवस्था पूरे विश्व को कवर करेगी ,जो विश्व के अधिकांश क्षेत्रों के लिए सटीक नेवेगेशन ,दूर संचार सेवा प्रदान करेगी । वर्तमान में 5 जी ,ए आई ,क्लाउड कम्यूटिंग ,स्वचालित ड्राइवंग जैसे उच्च तकनीक उपग्रह नेवेगेशन के पजिशनिंग तकनीक से अलग नहीं हो सकती। इस के अलावा उपग्रह नेवेगेशन आनलाइन शॉपिंग ,लोजिस्टिक्स और बुनियादी संस्थापनों के निर्माण में बड़ी भूमिका निभाता है।

पेइतो व्यवस्था की स्थापना पूरी होने के बाद अंतरराष्ट्रीय उपग्रह नेवेगेशन बाजार में बड़ा बदलाव आएगा ।नेवेगेशन ग्राहकों के पास अधिक विकल्प होंगे ।इस दृष्टि से देखा जाए , चाहे लोग पेइतो की सेवा चुनेंगे या नहीं ,वे वेइतो से लाभ प्राप्त करेंगे ।
पेइतो व्यवस्था चीन से समग्र मानव के लिए प्रस्तुत एक महत्वपूर्ण अंतरिक्ष बुनियादी संस्थापन है ।चीन ने अलग अलग तौर पर अमेरिका और रूस के साथ संबंधित सरकारी समझौता संपन्न किये हैं ,जिस से तीन देशों की उपग्रह नेवेगेशन पोजिशनिंग व्यवस्थाएं एक दूसरे से अनुकूल होगी । पेइतो के वैश्विक नेटवर्किंग से एक पट्टी एक मार्ग पर स्थित विकासशील देशों को भी विकसित देशों के साथ डिजिटल फासला पाटने के लिए लाभ मिलेगा।
(साभार-चाइना रेडियो इंटरनेशनल, पेइचिंग)