AnuragThakur

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी "आप" छोड़ भाजपा में शामिल


नई दिल्ली : केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफ़ेयर्स राज्यमंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा के दिल्ली प्रदेश कार्यालय में आम आदमी पार्टी के कई वरिष्ठ   पदाधिकारी अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा परिवार में शामिल हुए।श्री अनुराग ठाकुर ने भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष श्री मनोज तिवारी,प्रभारी व केंद्रीय मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर,उत्तर पश्चिमी दिल्ली से सांसद श्री हंसराज हंस की उपस्थिति में जय कुमार बंसल अध्यक्ष रोहिणी विधान, श्रीमती अर्चना निर्वाचित नगर पार्षद वार्ड नंबर 4 नरेला , संदीप शेरावत, अध्यक्ष ग्रामीण मोर्चा उत्तर पश्चिम दिल्ली, अनिल शेरावत अध्यक्ष वार्ड नं 29 बवाना विधासभा, दलबीर राणा अध्यक्ष आरडब्ल्यूए, बादली और प्रभाती सुल्तानपुर माजरा, अतुल सिंह सचिव रोहिणी, रूपेश गुलाटी अध्यक्ष वार्ड नंबर 57, रोहिणी और प्रमोद कुमार जैन उपाध्यक्ष रोहिणी विधान सभा ने अपने सैकड़ों समर्थकों समेत पार्टी के प्रदेश कार्यालय में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

श्री अनुराग ठाकुर ने कहा”आम आदमी पार्टी की नीतियों और अरविंद केजरीवाल के झूठ से त्रस्त आकर आज उत्तर पश्चिमी लोकसभा क्षेत्र के कई आप पदाधिकारियों ने मोदी की के विकासवादी एजेंडे में अपना भरोसा दिखाते हुए भाजपा परिवार में शामिल हुए हैं।इन सभी का विश्व की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी में स्वागत है और हम अपनी पार्टी में इनके पूरे मान सम्मान का भरोसा देते हैं ।आम आदमी पार्टी डूबता जहाज़ है और चुनाव से ठीक 5 दिन पहले इतनी बड़ी संख्या में आप कार्यकर्ताओं का भाजपा परिवार में आना इस बात का संकेत है कि केजरीवाल के झूठे वादों और गुमराह करने की राजनीति से दिल्ली की जनता समेत उनके कार्यकर्ता भी परेशान हैं।केजरीवाल ने बस,सड़क,पानी,वाईफ़ाई,मोहल्ला क्लिनिक,इंफ़्रास्ट्रक्चर,कम्यूनिटी सेंटर और शौचालय के नाम पर लोगों को सिर्फ़ ठगा है।दिल्ली की जनता 8 फ़रवरी को इस झूठी सरकार को विदा करके दिल्ली में कमल खिलाने का मन बना चुकी है.

आगे बोलते हुए श्री अनुराग ठाकुर ने कहा”आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं में स्थानीय विधायकों और केजरीवाल के प्रति व्यापक रोष है।आम आदमी पार्टी का शीर्ष नेतृत्व देश विरोधी ताक़तों को हवा देने,टुकड़े टुकड़े गैंग और देशविरोधी नारे लगाने वालों के साथ खड़ा है जिसे दिल्ली की जनता बखूबी देख रही है।नागरिकता क़ानून का विरोध करके केजरीवाल ने दिल्ली को अराजकता की आग में झोंकने का काम किया है।केजरीवाल के इन निर्णयों से उनके कार्यकर्ताओं में हताशा का माहौल है जिसका सीधा असर चुनावी नतीजों पर देखने को मिलेगा।