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टिप्पणी:महामारी की रोकथाम के दौरान चीनी सांस्कृतिक परंपरा प्रतिबिंबित

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक के वरिष्ठ सलाहकार ब्रुस एलेवर्ड ने फरवरी में चीन का दौरा करते समय कहा कि महामारी की रोकथाम में चीनी लोगों ने अद्भुत सामूहिक कार्रवाई और सहयोग की भावना दिखायी है। जन हितों को प्राथमिकता देने वाली भावना से चीनी संस्कृति की परंपरा प्रतिबिंबित है। 
चीनी संस्कृति की परंपरा इस तरह है कि जब संकट आता है, तब सार्वजनिक हितों को शीर्ष पर रखा जाता है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की 18वीं कांग्रेस के आयोजन से पार्टी के शीर्ष नेता ने चीन की सांस्कृतिक परंपरा को उजागर करने का आहवान किया। महासचिव शी चिनफिंग ने पार्टी की 19वीं कांग्रेस की कार्य रिपोर्ट में कहा कि चीनी विशेषता वाली समाजवादी संस्कृति चीनी राष्ट्र की पारंपरिक संस्कृति पर आधारित है। हम देखते हैं कि महामारी की रोकथाम में चीन की पारंपरिक संस्कृति ने एक बार फिर अपनी शक्तिशाली भूमिका निभायी है। चीन की गति और चीन की कारगरता से महामारी को हराने में कुंजीभूत कारक माना गया है। 
पांच हजार सालों की चीनी सभ्यता का सार है कि जनता को प्राथमिकता दी जाती है। महासचिव शी ने अनेक बार अपने बयानों में जनता को देश की नींव होने का विचार व्यक्त किया। उधर जनता की सेवा करना चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के शासन का विचार है। महामारी फैलने से अभी तक शी ने अनेक बार यह बताया कि जनता के जीवन और स्वास्थ्य की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिये। 
चीन की पारंपरिक संस्कृति की एक और विशेषता है कि बूढ़ों और बाल-बच्चों की जीजान से देखभाल की जाती है। महामारी की रोकथाम में चीनी चिकित्सीय संस्थाओं ने चाहे बुजुर्ग या जवान, अमीर या गरीब, सभी रोगियों की जान यथासंभवतः बचाने का प्रयास किया। मिसाल के तौर पर वुहान शहर में 2500 रोगियों, जिनकी उम्र 80 से ऊपर है, की इलाज दर 70 प्रतिशत रही। उनमें 108 उम्र वाला बुजुर्ग भी शामिल थे। 6 अप्रैल तक प्राप्त आंकड़े के मुताबिक चीन में नये कोरोना वायरस के गंभीर रोगियों का औसत इलाज खर्च 1.5 लाख युआन तक रहा। चिकित्सा बीमा के अलावा व्यक्तिगत खर्चों का शेष भाग सरकार द्वारा उठाया गया है। चीन सरकार द्वारा जीजान से गंभीर और बूढ़े रोगियों का इलाज किया जाने से दूसरे देशों के व्यक्तियों पर गहरी छाप पड़ी है।   
अमेरिका स्थित चीनी राजदूत ने स्थानीय मीडिया को इंटरव्यू देते समय कहा कि चीन के लिए जनता की जानी सुरक्षा को प्राथमिकता देना सर्वोपरि है। इस दृष्टि से चीन में कमजोर समूह, बुजुर्ग, लाइलाज रोगियों और गरीब लोगों का किसी भी कीमत पर इलाज किया गया है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की जनता की सेवा करने की भावना से आम लोगों का विश्वास जीता गया है। 
राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा कि हर किसी व्यक्ति का भविष्य और भाग्य देश और राष्ट्र के भविष्य और भाग्य के साथ निकटता से जुड़ा हुआ है। महामारी फैलने के बाद 42 हजार चिकित्सा कर्मी देश के विभिन्न क्षेत्रों से वुहान शहर और हूपेइ प्रांत की सहायता करने गये। और उनमें कुछ ने अपनी जान की भी बलिदान दिया। पार्टी व सरकार का आदेश सुनने के बाद 1.4 अरब चीनी लोगों ने तुरंत ही घर में स्वयं लॉकडाउन शुरू किया। देश के दूसरे क्षेत्रों ने वुहान और हूपेइ का मानव और सामग्री का जोरदार समर्थन किया। 
और यह भी चर्चा करने योग्य है कि महामारी की रोकथाम में चीन और दूसरे देशों ने एक दूसरे की मदद की है। जब चीन में महामारी फैलने लगी तब अनेक देशों ने चीन की सहायता में भारी मात्रा वाला माल भेजा। और चीन ने भी दूसरे देशों में महामारी की रोकथाम के कार्यों को यथासंभवतः सहायता दी। महामारी के प्रकोप के परीक्षण से गुजर कर 1.4 अरब चीनी जनता देश और राष्ट्र के विकास के प्रति और अधिक आश्वस्त है। 
(साभार-चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)