PPE Kits

PPE kits की गुणवत्ता पर डॉक्टरों ने उठाये सवाल, CM कैप्टन ने दिया करवाई का भरोसा

अमृतसर : पंजाब के सभी सरकारी मैडीकल कालेजों में पीपीई किटें खरीदने संबंधी हुए घोटाले को पब्लिक में उजागर करने की मांग दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। इन कालेजों से संबंधित अस्पतालों में काम कर रहे डाक्टरों में बहुत ज्यादा रोष पाया जा रहा है। इस घोटाले का विरोध कर रहे डाक्टरों का कहना है कि 500 रुपए की रद्दी और बेकार पीपीई किटें 2000 रुपए में चार गुणा ऊंचे दामों में खरीदी गई थी, जिन अधिकारियों ने यह किटें खरीदी, उन्होंने यह नहीं सोचा कि इन किटों को पहन कर कोरोना मरीजों की जांच पड़ताल करने वाले डाक्टर कोरोना की चपेट में आ सकते हैं। इसलिए यह घोटाला ही नहीं बल्कि डाक्टरों को कोरोना से मारने की एक बहुत बड़ी साजिश थी। डाक्टरों को कोरोना संक्रमण होने से बचाने के बहाने से खरीदी गई इन कि टों को अब किसी भी डाक्टर ने पहनने से इंकार कर दिया था क्योंकि यह किटें मापदंडों के खिलाफ थी और इसे पहनने पर फटी जा रही थी। हैरानीजनक है कि डाक्टरों को कोरोना संक्रमण होने से बचाने के बहाने कुछ डाक्टरों ने अपनी जेबें भर ली। इस मामले में मैडीकल कालेज अमृतसर की प्रिंसीपल डा. सुजाता शर्मा का कहना है कि यह हाइप्रोफाइल मामला है, जिसकी कई विभागों द्वारा जांच पड़ताल जारी है। उन्होंने एक पत्र मैडीकल हाई अथार्टी और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह को लिखा था, जिसका जवाब आना भी बाकी है। जवाब आते ही आरोपी के खिलाफ बनती कार्रवाई की जाएगी, किसी प्रकार की लीपापोती नहीं होगी। यह उनका वायदा है क्योंकि इस मामले से डाक्टरों की जानें जुड़ी हुई थी। इसलिए इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने आरोपियों को शिकंजे में लेने के लिए पत्र लिखा। इस घोटाले का विरोध कर रहे डाक्टर चाहते हैं कि कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश सोनी सच्चाई सबके सामने लाएं, जो भी दोषी है उस पर कार्रवाई भी करें। हर हाल में यह मामला साफ और स्पष्ट तौर पर पब्लिक के सामने लाया जाए। डाक्टरों की मांग है कि कैबिनेट मंत्री इस मामले में आरोपियों को बचाने वाले सक्रिय दलाल डाक्टरों को भी इस जांच में शामिल करें और किसी भी दोषी को इस मामले मे बख्शा न जाए। अकाली दल दिल्ली के पंजाब प्रधान हरजोत सिंह संधू ने इस मामले पर हैरानी व्यक्त करते हुए कहा कि इतना बड़ा घोटाला कोरोना संकट शुरू होते ही हो गया, जिसमें कोरोना का इलाज करने वाले डाक्टरों को ही इस घोटाले का शिकार बना लिया गया। इस मामले के आरोपी को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। डाक्टर तो भगवान का रूप होते हैं। उनकी पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह से मांग है कि वह इस घोटाले की जांच मुख्यमंत्री विभाग द्वारा करवाएं ताकि इस मामले में किसी प्रकार का दबाव किसी मंत्री पर न आए। यह हाई प्रोफाइल घोटाला है, जिसकी जांच जितनी जल्दी हो सके मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह को करवानी चाहिए।


डा. सुजाता शर्मा।
 
आरोपियों पर धारा 307 का मामला दर्ज किया जाए: संधू
हरजोत सिंह संधू ने यह भी मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह से मांग की कि जिस भी डाक्टर ने डाक्टरों को कोरोना का शिकार बनाने के लिए घटिया पीपीई किटें खरीदी हैं, उन आरोपियों पर धारा 307 का मामला दर्ज किया जाए।



हरजोत सिंह संधू। 
 
मजबूरी में महंगी खरीदी गई किटें : डा. रमन शर्मा
उधर गुरु नानक देव अस्पताल के अधीक्षक डा. रमन शर्मा ने कहा कि कोरोना से पीड़ित प्रसिद्ध निर्मल सिंह खालसा की मौत हो गई थी। तब पीपीई किटें मार्कीट में नहीं मिल रही थी। किटों को मजबूरी में बिना किसी रेट को देखे खरीदा गया। किट खरीदकांड की सच्चाई यही है। बाकी मैडीकल हाई अथार्टी द्वारा जांच जारी है। 


डा. रमन शर्मा।