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विदेशों में मंदी के रुख से तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट

नई दिल्ली: विदेशी बाजारों में नरमी के रुख तथा तेल के भाव के लगभग 30 प्रतिशत तक टूटने से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बीते सप्ताह सरसों, मूंगफली जैसे देशी तेलों सहित कच्चे पामतेल एवं पामोलीन सहित सभी तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट दर्ज हुई। बाजार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया में कच्चे पाम तेल का रिकॉर्ड स्टॉक जमा है और वहां की सरकार ने इन तेलों को खपाने के लिए निर्यात शुल्क हटा लिया है। सूत्रों ने कहा कि अगले महीने पाम तेल का उत्पादन और बढ़ेगा और हमारा बाजार सस्ते आयात से पट सकता है। ऐसे में सरकार को स्थानीय तिलहन उत्पादक किसानों के हितों की रक्षा के लिए सीपीओ एवं पामोलीन तथा सोयाबीन डीगम जैसे सस्ते आयातित तेलों पर आयात शुल्क में अधिकतम वृद्धि कर देनी चाहिये। वायदा कारोबार में भी सट्टेबाज सोयाबीन तिलहन फसल का भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम लगा रहे हैं। ऐसे में सोयाबीन की जल्द ही शुरू होने जा रही बिजाई प्रभावित हो सकती है। सूत्रों ने कहा कि आयात शुल्क लगाने से स्थानीय तेलों के भाव और सस्ते आयातित तेलों के भाव परस्पर प्रतिस्पर्धी होंगे और स्थानीय किसानों को राहत मिलेगी।

सस्ते तेलों का आयात बढ़ने से समीक्षाधीन सप्ताहांत में सरसों (तिलहन फसल), सरसों दादरी की कीमतें क्रमश: 70 रुपये और 310 रुपये की हानि के साथ क्रमश: 4,610-4,635 रुपये और 9,570 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुईं। सरसों पक्की और कच्ची घानी तेलों की कीमतें भी पूर्व सप्ताहांत के मुकाबले 50-50 रुपये की हानि के साथ क्रमश: 1,540-1,680 रुपये और 1,605-1,725 रुपये प्रति टिन पर बंद हुईं। समीक्षाधीन सप्ताह में मूंगफली दाना और मूंगफली तेल गुजरात का भाव क्रमश: 10 रुपये और 20 रुपये की गिरावट दर्शाता क्रमश: 4,835-4,885 रुपये और 13,160 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुआ। जबकि मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड का भाव 10 रुपये की हानि के साथ 1,950-2,000 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुआ।

वायदा कारोबार में सटोरियों द्वारा कम बोली लगाये जाने और एमएसपी से कम दाम पर बिक्री होने से सोयाबीन दिल्ली, सोयाबीन इंदौर और सोयाबीन डीगम की कीमतें क्रमश: 200 रुपये, 200 रुपये और 270 रुपये का गिरावट प्रर्दिशत करती क्रमश: 8,900 रुपये, 8,750 रुपये और 7,750 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुईं। सोयाबीन दाना और लूज (तिलहन फसल) के भाव भी 60-60 रुपये की हानि के साथ क्रमश: 3,805-3,830 रुपये और 3,605-3,630 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुए। बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा) तेल भी 150 रुपये की गिरावट के साथ 7,800 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुआ। सीपीओ और पामोलीन तेलों में भी भी गिरावट देखी गई। कच्चे पाम तेल (सीपीओ), पामोलीन तेलों - आरबीडी दिल्ली और पामोलीन कांडला तेल की कीमतें क्रमश: 250 रुपये, 250 रुपये और 150 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 7,100 रुपये, 8,600 रुपये और 7,850 रुपये प्रति क्विन्टल पर बंद हुईं।