New York Times

न्यूयॉर्क टाइम्स :चीन को झटका देना अमेरिका की दोनों पार्टियों की राजनीतिक मांग है

हाल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प समेत रिपब्लिक पार्टी के सदस्यों ने क्रमशः कोविड-19 महामारी की वजह से चीन पर कालिख पोती है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने 18 अप्रैल को लेख जारी कर कहा कि चीन को झटका देना रिपब्लिक पार्टी की पुरानी चाल है। इन लोगों ने नागरिकों के ध्यान को सरकार की आलोचना से चीन पर हस्तांतरित करने की कोशिश की। उद्देश्य है कि दिन-ब-दिन मुश्किल हो रहे आम चुनाव को बचाया जाए।

ट्रम्प ने इससे पहले कहा था कि चीन में कोविड-19 के मृतकों की संख्या अमेरिका से काफी बड़ी है। उन्होंने 18 अप्रैल को व्हाइट हाउस में फिर से कहा कि महामारी के मुद्दे पर अगर चीन जानबूझकर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को गलत रास्ते पर डालता है, तो परिणाम का सामना करना पड़ेगा।

न्यूयॉर्क टाइम्स ने कहा कि हाल में सीनेटर टॉम कोटन और जोश हॉले जैसे रिपब्लिक पार्टी के रूढ़िवादी, जो भविष्य में राष्ट्रपति बनना चाहते हैं, प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं कि कौन चीन के खिलाफ ज्यादा कड़ा रवैया अपनाता है।

ट्रम्प के चुनाव दल भी इस कार्यनीति का समर्थन करता है। पिछले हफ्ते इस दल ने विवादित विज्ञापन जारी किया, जिसमें डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जोसेफ रॉबिनेट बिडेन को चीन के सामने कमजोर व्यक्ति के रूप में वर्णन किया। विज्ञापन में यह संकेत भी दिया गया कि चीन स्थित पूर्व अमेरिकी राजदूत गैरी फेय लोके चीनी अधिकारी है। लोकमतों का मानना है कि यह विज्ञापन विदेशी द्वेष भड़काता है।

लेकिन इसके पीछे इस साल होने वाले आम चुनाव में रिपब्लिक पार्टी के सदस्यों की दुर्दशा जाहिर हुई। न्यूयॉर्क टाइम्स ने प्यू रिसर्च सेंटर के सर्वेक्षण के हवाले से कहा कि 65 प्रतिशत अमेरिकी लोग मानते हैं कि महामारी की रोकथाम में ट्रम्प की प्रतिक्रिया बहुत धीमी रही।

न्यूयॉर्क टाइम्स ने कहा कि चीन के मुद्दे पर ट्रम्प का रवैया बदलता रहता है। महामारी के शुरुआती समय में उन्होंने चीन के रोकथाम के कदमों की प्रशंसा की। लेकिन हाल में क्रमशः चीन पर कालिख पोती। हालांकि ट्रम्प ने बिलकुल अलग बयान दिया, लेकिन चुनाव के लिए उनकी नीति का मूल है कि कोविड-19 की वजह से हुई लोगों की हताहती और आर्थिक नुकसान का गुस्सा एक अन्य प्रतिद्वंद्वी पर डाला जाए, जिसे अमेरिकी लोग सावधानी से देखते हैं।

रिपब्लिक पार्टी की तरह डेमोक्रेटिक पार्टी भी चीन के खिलाफ कड़ा रवैया अपनाती है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने कहा कि दोनों पार्टियों की कार्रवाई से चुनाव का उद्देश्य प्रतिबिंबित हुआ। चुनाव में दोनों पक्षों की बात और तीव्र हो, लोकमत और चिंतित होगा कि इससे विदेशी द्वेष और एशियाई अमेरिकी पर भेदभाव बढ़ाया जाएगा।
(साभार---चाइना रेडियो इंटरनेशनल ,पेइचिंग)