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यह सफल नहीं होगा कि भारत चीन का विरोध करता है:विदेशी मीडिया

विदेशी मीडिया के अनुसार चीन व भारत के बीच सीमा पर संघर्ष होने के बाद भारत में राष्ट्रवादी भावना भरी हुई है। पिछले हफ्ते मोदी सरकार ने 59 चीनी मोबाइल एप्स पर पाबंदी लगाने की घोषणा की। लेकिन इस राष्ट्रवादी भावना ने वास्तव में भारत को नुकसान पहुंचाया है। 

ब्रिटिश पत्रिका द इकोनॉमिस्ट ने 4 जुलाई को लेख जारी कर कहा कि चीन व भारत के बीच सीमा मुद्दे पर संघर्ष पैदा होने के बाद भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन को जवाब देने के लिए राजनीतिक दबाव में हैं। लेख के अनुसार भारत की प्रतिक्रिया शक्तिहीन है। और भारत गतिरोध में फंस चुका है।

 भारत को इस वास्तविकता का सामना करना होगा कि चीनी सेना की रणनीतिक श्रेष्ठता है, भारतीय सेना मुश्किल से इस का जवाब देगी। जिससे भारत ने अन्य तरीके से चीन को हानि पहुंचाने की कोशिश की। हालांकि भारत ने बहुत लोकप्रिय चीनी एप्स पर पाबंदी लगायी, लेकिन यह चीन के प्रति एक बड़ी समस्या नहीं होगी।

लेख में यह कहा गया है कि हालांकि भारत में राष्ट्रवादी भावना का कुछ क्षेत्रों में बहुत स्वागत हुआ है। लेकिन भारत में चीन से आयातित बहुत वस्तुएं भारतीय कारखानों के प्रति महत्वपूर्ण वस्तुएं हैं। उन में दवा उद्योग, एयर कंडीशनिंग विनिर्माण, और स्वच्छ ऊर्जा आदि क्षेत्रों में बहुत चीजें चीन से आयात की जाती हैं।

उन के अलावा ब्लूमबर्ग न्यूज़ के अनुसार चीन भारत का सब से अधिक आयातित वस्तुओं का स्रोत है। वर्ष 2019 में भारत ने लगभग 70 अरब अमेरिकी डॉलर के उत्पाद चीन से आयात किए। साथ ही चीन भारत के निर्यातित उत्पादों के सब से बड़े तीन खरीददारों में से एक है। अगर निर्यात स्थगित होगा, तो यह भारत के हित में नहीं होगा। 
(साभार-चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)