China

चीन की इकोनॉमी मजबूत होगी तो दुनिया को मिलेगा लाभ

पिछले चार दशकों में चीन ने जो विकास किया है, वह अभूतपूर्व व आश्चर्यजनक है। आज चीन विश्व की दूसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति है, इस बात को नकारा नहीं जा सकता है। कोविड-19 महामारी के संकट के चलते पूरी दुनिया पर आर्थिक मंदी का खतरा छाया हुआ है। ऐसे में सभी बड़े देशों की जिम्मेदारी बनती है कि वे इस मुश्किल घड़ी में साथ खड़े होकर भविष्य की ओर देखें।
गुरुवार को संपन्न हुई चीनी राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा यानी एनपीसीके बाद चीनी प्रधानमंत्री ली खछ्यांग ने चीन में आर्थिक विकास, खुलेपन और सहयोग आदि मुद्दों की चर्चा की।इसके साथ ही उन्होंने चीन द्वारा पूर्व निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने का भरोसा भी जताया हैं।
यह इस बात का द्योतक है कि चीन कोरोना वायरस महामारी के दौर में भी आगे बढ़कर विश्व में नेतृत्वकारी भूमिका निभाना चाहता है। चीन में मौजूद कंपनियों की बेहतरी और रोजगार मुहैया कराने के लिए उठाए जा रहे कदमों का असर वैश्विक स्तर पर नजर आएगा। प्रमुख आर्थिक शक्ति होने के नाते चीन में होने वाली आर्थिक हलचल का दुनिया पर असर पड़ता है। जाहिर सी बात है कि चीन द्वारा उठाए गए सकारात्मक उपायों से ग्लोबल लेवल पर इकोनॉमी को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही गरीबी दूर करने की दिशा में भी अन्य देशों को प्रोत्साहन मिलेगा।
जैसा कि हम जानते हैं कि पिछले लंबे समय से वर्ल्डइकोनॉमी में चीन का योगदान 30 फीसदी से भी ज्यादा रहा है। अब ऐसे में अगर संकट के वक्त चीनी अर्थव्यवस्था की स्थिति बेहतर होती है तो उससे अन्य देशों को भी सहारा मिलेगा। चीनी नेता बार-बार खुलेपन पर ज़ोर देते रहे हैं, ताकि वैश्विक रूप में सहयोग बढ़ाया जा सके। इसके अलावा चीन अपनी ज़िम्मेदारी को भी बखूबी समझता है। जैसा कि चीनी प्रधानमंत्री ने कहा कि अभी इंटरनेशनल समुदाय के सम्मुख दोहरी चुनौती खड़ी है।
कोविड-19 से निपटना हो या फिर आर्थिक विकास बनाए रखना। इसके मद्देनजरचीन ने दो सत्रों के दौरान कई अहम कदम उठाए हैं। जिससे न केवल चीनी नागरिकों की मुश्किलें दूर होंगी, बल्कि दुनिया में भी आर्थिक बहाली का विश्वास मजबूत होगा। इस तरह कहा जा सकता है कि चीन एक प्रमुख देश और आर्थिक ताकत के रूप में विश्व को परेशानी से बाहर निकालने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है। कोरोना वायरस महामारी के संकट में भी चीन ने कई देशों को मदद दी है। जो यह दर्शाता है कि चीन एक जिम्मेदार राष्ट्र है।
(अनिल आजाद पांडेय, साभार--चाइना मीडियाग्रुप ,पेइचिंग)