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Haryana assembly budget session

हरियाणा विधानसभा बजट सत्र आज से शुरू, प्री-बजट पर चर्चा 3 दिन, असली बजट पर सिर्फ 1 दिन

 चंडीगढ़ : हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र वीरवार से शुरू होगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल बतौर वित्त मंत्री पहली बार बजट पेश करेंगे। सरकार ने प्री-बजट पर विधायकों के साथ 3 दिन तक चर्चा की और उनके सुझाव लिए मगर असली बजट पर चर्चा के लिए सिर्फ 1 दिन का समय प्रस्तावित किया है। प्रदेश सरकार ने विधानसभा सचिवालय को बिजनेस सिर्फ 8 दिन का बताया है। यह अलग बात है कि सत्र की अवधि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी तय करेगी। खास बात यह है कि बजट पर चर्चा सिर्फ 2 दिन रखी है, उसमें वित्त मंत्री का जवाब भी शामिल है। विपक्ष की तरफ से अभी इस छोटी अवधि पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

लक्की ड्रॉ निकाला

हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता की अध्यक्षता में आज विधानसभा सत्न के 26, 27 व 28 फरवरी के लिए विधायकों द्वारा भेजे गए प्रश्नों का लक्की ड्रॉ करवाया गया। इस अवसर पर विधायक विनोद भयाना, लक्ष्मण यादव व रामकरण सहित विधानसभा के सचिव राजेन्द्र नान्दल, अतिरिक्त सचिव सुभाष चन्द्र एवं विधानसभा के अधिकारी मौजूद रहे। इससे पहले 24 व 25 फरवरी के लिए भी ड्रॉ निकाला गया था। पहले हुए ड्रॉ में 40 विधायकों के व आज हुए ड्रॉ में 60 विधायकों के सवालों का चयन किया गया।

अगर बिजनेस एडवाइजरी कमेटी ने सत्र की अवधि नहीं बढ़ाई तो छोटा सत्र बनकर रह जाएगा

सरकार के प्रस्तावित शेड्यूल अनुसार 20 फरवरी को राज्यपाल का अभिभाषण होगा। अभिभाषण के आधे घंटे बाद शोक प्रस्ताव पढ़े जाएंगे और सदन की मेज पर कागज रखे जाएंगे। चूंकि 21 फरवरी को शिव रात्रि की छुट्टी है और 22 फरवरी को शनिवार, 23 फरवरी को रविवार की छुट्टी है। सोमवार 24 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा शुरू होगी। यह चर्चा मंगलवार 25 फरवरी को भी जारी रहेगी। चर्चा पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल 26 फरवरी को जवाब देंगे। अगले दिन 27 फरवरी को गैर सरकारी दिवस है। बजट 28 फरवरी को मुख्यमंत्री मनोहर लाल पेश करेंगे। शनिवार 29 फरवरी और रविवार एक मार्च की छुट्टी है।
बजट पर चर्चा 2 मार्च को होगी और उसी दिन वित्त मंत्री चर्चा का जवाब देंगे। विधायी कार्य 3 फरवरी को होंगे और उसी दिन सत्र समाप्त हो जाएगा। अगर बिजनेस एडवाइजरी कमेटी ने सत्र की अवधि नहीं बढ़ाई तो बजट पर चर्चा के लिए एक दिन कम रहेगा। मगर कमेटी की बैठक में सत्र की अवधि कम से कम दो दिन बढ़ने की संभावना है। इसके लिए 27 फरवरी के गैर सरकारी दिवस को सरकारी दिवस घोषित कर उसी दिन बजट पेश किया जा सकता है और इस पर चर्चा 28 फरवरी को हो सकती है। जवाब 2 मार्च को दिया जा सकता है। अगर 27 फरवरी को गैर सरकारी दिवस रखा गया और बजट 28 फरवरी को पेश किया गया तो संभव है कि बजट पर चर्चा 2 मार्च को शुरू कर 3 मार्च को भी जारी रखी जाए और उसी दिन वित्त मंत्री का जवाब दे दिया जाए। विधायी कार्य भी उसी दिन निपटाए जा सकते हैं। विधायी कार्य अगले दिन 4 मार्च को भी हो सकता है।