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विवाह से पाए अनमोल संतोष,पढ़ें खबर

शादी ही जीवन जीने का सबसे बढ़िया तरीका है, यह बड़े-बड़े लाइफ स्टाइल गुरुओं का मत है। उनके मतानुसार शादी और खुशी में गहरा संबंध है। शादी से जीवन में जो संतुष्टि मिलती है, वो अनमोल है। ऐसी संतुष्टि अविवाहितों के नसीब में नहीं होती। शेयरिंग और केयरिंग शादी की सबसे बड़ी देन हैं। हर किसी की दिली तमन्ना होती है कि कोई हो जो उसकी केयर करे, जिसके साथ वो अपना हर दुख-सुख शेयर कर सके। खुशी बांटने वाला ही कोई न हो तो खुशी अधूरी रह जाती है। इसी तरह दुख बांटने से मन हल्का हो जाता है। लाइफ पार्टनर भरोसेमंद साथी होता है। 

मन के जज्बात कहने में यहां किसी प्रकार का भय नहीं होता। कपल्स एक-दूसरे के सबसे बड़े वैलविशर होते हैं। वे एक-दूसरे की कमियां अपनत्व से बता सकते हैं। इस तरह पति-पत्नी एक-दूसरे की कमियां दूर करवा के एक-दूसरे की ग्रोथ में सहायक हो सकते हैं। जीवन की ऊंची-नीची राहें साथी के साथ मिलने पर चल पाना आसान हो जाता है। एक और एक दो नहीं, ग्यारह बन जाते हैं। किसी भी कठिन चुनौती का सामना अब उन्हें भयभीत नहीं करता। उनका प्यार कभी कम नहीं होता बल्कि पुरानी शराब की तरह और भी स्ट्रांग हो जाता है। यह प्यार उनके जीवन को नीरसता और एकाकीपन से बचाए रखता है। 

उनके बीच जो पॉजीटिव वाइव्स होती हैं। इससे आर्थिक तंगी, अभाव व परेशानियों के बावजूद वे निराश और कुंठित नहीं होते। दोनों एक-दूसरे की चिंता हर लेते हैं। एक-दूसरे को गहरा दिलासा देकर मनोबल गिरने नहीं देते। कोई भी महत्वपूर्ण फैसला लेना एक अत्यंत मुश्किल व उलझन-भरा कार्य है। लाइफपार्टनर यहां एक अहम रोल प्ले करता है क्योंकि उनके इंट्रैस्ट सांझे होते हैं और प्यार गहरा होता है। वे एक-दूसरे पर ब्लाइंड फेथ रखते हैं। उसकी राय फैसला लेने में बेहद मददगार साबित होती है। अक्सर औरत में जो गैट फीलिंग होती है वह सही गाइड करती है। आज की तनाव से भरी जिंदगी वर्क प्रैशर और मुश्किल जिंदगी में जीवन साथी के साथ बिताया क्वालिटी टाइम पार्टनर को रिफ्रैश कर देता है। 

इसमें दो राय नहीं कि सफल वैवाहिक जीवन में स्ट्रेस लैवल कम रहता है और साइकोसोमैटिक बीमारियां कम होती हैं। आपस में दोस्ताना बराबरी का व्यवहार हो तो वैवाहिक जीवन का मजा ही कुछ और है। पढ़ी-लिखी कमाऊ पत्नी-पति का स्ट्रांग सपोर्ट सिस्टम बन जाती है। दोनों जॉब करते हों तो आर्थिक असुरक्षा नहीं रहती। स्टैंडर्ड ऑफ़ लिविंग भी डिसैंट रह सकता है। एक की नौकरी छूट जाने से वे सड़क पर नहीं आ जाते। एक कामयाब शादी वाला जोड़ा दूसरों की खुशी से जलता नहीं है। वे अपने में मस्त रहते हैं। मन प्रसन्न हो तभी व्यक्ति औरों को भी खुशियां बांटता है, अच्छा सोचता है, अच्छा करता है और सोसायटी में अपनी एक खास पहचान बना पाता है।