Shanidev

जानिए क्यों शनिदेव की कुदृष्टि से इंसान के जीवन में आती है परेशानियां, ये है कथा

हिन्दू धर्म में नवग्रहों का अपना खास स्थान होता है। सभी ग्रहों में शनि देव न्याय के देवता माने जाते है। भक्तों की सच्ची भक्ति से शनि देव प्रसन्न होते हैं और सभी कष्टों से मुक्ति दिलाते हैं। ऐसा कहा जाता है की जिस भी व्यक्ति पर शनिदेव की नजर पड़ जाती  है उसके बुरे दिन शुरू हो जाते है आज हम आपको बताते है की आखिर ऐसा क्या कारण है की शनिदेव की दृष्टि को अशुभ क्यों माना जाता है, ब्रह्मपुराण की कथा के अनुसार बचपन से ही शनि देव भगवान श्रीकृष्ण के भक्त थे। 

वो हमेशा श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन रहते थे वयस्क होने पर शनिदेव के पिता ने चित्ररथ की कन्या से उनका विवाह करा दिया शनिदेव की पत्नी सती-साध्वी और परम तेजस्विनी थी एक रात वो ऋतुस्नान करके पुत्र पाने की इच्छा से शनिदेव के पास पहुंची। 

लेकिन शनिदेव श्रीकृष्ण के ध्यान में इस कदर खोये थे की उन्हें इस संसार की कोई सुध नहीं थी इसलिए शनिदेव की नजर अपनी पत्नी पर नहीं पड़ी शनिदेव उनकी तरफ एक बार देखले इसके लिए उनकी पत्नी ने बहुत देर तक इन्तजार किया और इन्तजार करते करते थक गयी जिससे उनका ऋतुकाल निष्फल हो गया। 

गुस्से में आकर शनिदेव की पत्नी ने उन्हें श्राप दे दिया कि पत्नी होने पर भी आपने मुझे कभी प्यार भरी नज़रों से नहीं देखा अब आप अपनी नज़रों से जिसे भी देखेंगे उसका कुछ न कुछ बुरा हो जाएगा यही वजह है की शनिदेव की नजरो में आज भी दोष माना जाता है श्राप के बाद शनि देव अपना सर निचे रखने लगे।