Environment

लॉकडाऊन के बीच मनरेगा कार्यों से संवरने लगा पर्यावरण

शिमला: विषम भूगोल वाले हिमाचल में लॉकडाऊन के बीच मनरेगा कार्योंसे पर्यावरण संवरने लगा है। सरकार  की पहल पर शिमला जिला में मनरेगा के कार्य शुरू हो गए हैं। मनरेगा के तहत प्रारंभ कार्यों मेंपौधरोपण के अलावा जल संचयन टैंकों व लघु सिंचाई योजनाओं का निर्माण शुरू हुआ है। कई गांवों में मनरेगा श्रमिक भूमि समतल करने का काम भी कर रहे हैं। 

लॉकडाऊन के चलते प्रदेश में काम धंधा बंद था। नतीजतन न सिर्फ शहरी, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी लोगों के समक्ष रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया था। लॉकडाऊन 3 में सरकार ने मनरेगा सहित कई अन्य कार्यों को शुरू करने का फैसला लिया। फैसले के बाद शिमला जिला में 10471 मनरेगा श्रमिक काम पर जुट गए हैं। जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के माध्यम से जिला में 20 लाख 73 हजार 253 रुपये की राशि विकास कार्य पूर्ण होने के पर मनरेगा श्रमिकों के खाते में हस्तांतरित की जाएगी। 

जिले के बसंतपुर खंड में 116, चौहारा में 47, चौपाल में 253, जुब्बल में 108, कुपवी में 43, मशोबरा में 193, ननखड़ी में 77, नारकंडा में 139, रामपुर बुशहर में 548, रोहडू में 73 और ठियोग खण्ड में 388 कार्य प्रगति पर हैं। नतीजतन ग्रामीण क्षेत्रों में विकासात्मक कार्य शुरू हुए और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को अकुशल श्रमिकों को लाभ मिला, जिससे कोविड-19 के प्रकोप के दौरान इस वर्ग के लोगों को निरन्तर आय के स्रोत मिल रहे हैं।