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चीन में वसंतोत्सव से संबंधित नव रीति-रिवाज़ पैदा, विज्ञान तकनीक विकास से वसंतोत्सव पर प्रभाव

जब चीन की सड़कों और रास्तों पर शुभकामना शब्द “फ़ू” को जगह-जगह पर चिपकाकर सजावट की जाती है, तो जाहिर है चीनी पारंपरिक त्योहार वसंतोत्सव आने वाला है। सामाजिक आर्थिक विकास के चलते अतीत में वसंतोत्सव के दौरान “रिश्तेदारों को देखना”, “नए कपड़ा पहनना” या “भव्य भोज खाना” जैसी गतिविधि सामान्य हो गई। आज, विज्ञान तकनीक और पारंपरिक वसंतोत्सव रीति-रिवाज़ ने एक साथ मिलकर नव वसंतोत्सव रीति-रिवाज़ को जन्म दिया और चीनियों के लिए नया अनुभव पैदा हुआ।

हाल में चीनी नव अर्थतंत्र अनुसंधान संस्थान ने “चीन में वसंतोत्सव की नई रीति-रिवाज़ के विकास रुझान” शीर्षक रिपोर्ट जारी की, जिसमें कहा गया कि अलीपेई में पांच “फ़ू कार्ड” इकट्ठा करना, क्लाउट नववर्ष की शुभकामनाएं देना, विचेट में लाल लिफाफा ग्रहण करना, सपरिवार का पर्यटन करना 21वीं सदी में “चार नव वसंतोत्सव रीति-रिवाज़” चुने गये। इसके साथ ही शेर नृत्य करना, पटाखे फोड़ना और शुभकामनाएं शब्द लिखना आदि गतिविधि धीरे-धीरे लोगों के जीवन से बाहर चली गई।  

चीनी नव आर्थिक अनुसंधान संस्थान के विशेषज्ञ, चच्यांग प्रांतीय सामाजिक विज्ञान अकादमी के आर्थिक अनुसंधान केंद्र के प्रधान श्वी च्येनफ़ङ ने कहा कि विज्ञान और तकनीक के विकास से वसंतोत्सव पर ज्यादा से ज्यादा प्रभाव पड़ता है। उन्हें याद है कि छोटी उम्र में वसंतोत्सव के दौरान वे परिवार में बूढ़े लोग के सम्मान में पाइन्येन (यानी दंडवत प्रणाम) किया करते थे और बूढ़े लोग उन्हें मिठाई दिया करते थे। इसके बाद चित्र, पोस्टकार्ड भेजा करते थे। फिर टेलिफॉन करते थे, मैसेज भेजते थे, और फिर वर्तमान में अलीपेइ से लाल लिफाफा देने के माध्यम से पैसे दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि शायद भविष्य में लोग सीधा तौर पर वीआर से पाइन्येन करेंगे। 

 “इसके पीछे पत्र भेजने से 2जी होकर 5जी तक की छलांग है। विज्ञान और तकनीक का तेज़ विकास हो रहा है। इसी दृष्टि से ऐसा कहा जा सकता है कि वसंतोत्सव की रीति-रिवाज़ में आए परिवर्तन से सामाजिक प्रगति जाहिर हुई।” श्वी च्येनफ़ङ ने यह बात कही।  वहीं, चच्यांग प्रांत के रीति-रिवाज़ वेशेषज्ञ कू च्याशी के विचार में वसंतोत्सव की नयी रीति-रिवाज़ का पैदा होने का मतलब पारंपरिक वसंतोत्सव रीति-रिवाज़ को छोड़ देना नहीं है। चाहे पुराना रीति-रिवाज़ हो, या नव रीति-रिवाज़ हो, ये सभी सुन्दर जीवन की सुन्दर अभिलाषा, पारिवारिक मिलन और लोगों को शुभकामनाएं देने वाले रीति-रिवाज़ का उत्तराधिकार है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग आ चुका है। हमें युगात्मक विकास के साथ ही साथ अपनी परंपरा को नहीं छोड़ना चाहिए। वसंतोत्सव की नई रीति-रिवाज़ में लोगों की भागीदारी से चीन में वसंतोत्सव से संबंधित सांस्कृतिक उत्तराधिकार का दायरा विस्तार होगा। वसंतोत्सव का रस और अच्छा होगा।

(साभार-चाइना रेडियो इंटरनेशनल, पेइचिंग)