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टिप्पणी : अमेरिकी राजनीतिज्ञ वास्तव में महामारी की रोकथाम कर रहे हैं या केवल नाटक कर रहे हैं?

इधर के समय में अधिकाधिक सूचनाएं जारी रखने के साथ-साथ अमेरिका में महामारी फैलने की सच्चाई धीरे-धीरे स्पष्ट होने लगी है, जिसने अमेरिकी राजनीतिज्ञों के अफवाहों को तोड़ दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने हाल ही में कहा कि अमेरिका ने 11 जनवरी से ही नये कोरोना वायरस के टीके का विकास शुरू किया। अमेरिकी रोग नियंत्रण केंद्र के प्रधान रोबर्ट रेडफिल्ड ने कहा कि उनके केंद्र ने 2 जनवरी को चीनी रोग नियंत्रण केंद्र के साथ संपर्क किया था। पर 12 जनवरी को चीन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ नये कोरोनोवायरस जीनोम अनुक्रम को साझा किया।

इसका अर्थ है कि अमेरिका को प्रथम समय पर नये कोरोनोवायरस जीनोम अनुक्रम की जानकारी प्राप्त हुई। लेकिन उन्होंने क्यों अपने नागरिकों से सच्चाई छिपायी? और इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने हमेशा बताया कि उन्होंने जनवरी के अंत तक नये कोरोना वायरस की जानकारी प्राप्त की। अमेरिकी सरकार ने 13 मार्च तक नागरिकों की रक्षा के लिए कदम उठाया। यह स्पष्ट है कि अमेरिकी सरकार ने महामारी की जानकारी पता लगाने के दो महीने बाद आपातकाल घोषित किया। और लोगों को यह संदेह भी है कि अमेरिका में महामारी का प्रकोप होने का समय सरकार की घोषित तिथि से और पूर्व रहा था।

अमेरिकी रोग नियंत्रण केंद्र के प्रधान ने मार्च में यह स्वीकार किया कि इन्फ्लूएंजा से कुछ मौतें वास्तव में नए कोरोनोवायरस निमोनिया से संक्रमित हुईं और इससे जुड़े कई मामले सामने आये हैं। अमेरिकी मीडिया के अनुसार इस वर्ष जनवरी से फरवरी तक फ्लोरिडा में कुल 171 संदिग्ध या पुष्ट नये कोरोनोवायरस संक्रमण का पता चला था, जिनमें सबसे पहला मामला 1 जनवरी को हुआ, पर इन लोगों ने संक्रमित देशों का दौरा नहीं किया। लेकिन फ्लोरिडा की सरकार ने 4 मई को अपनी वेबसाइट में इन 171 मामलों की जानकारी हटा दीं और ऐसा करने का कारण नहीं बताया। वे क्या कवर कर रहे हैं?

उधर, यह भी चर्चा करने योग्य है कि व्हाइट हाउस ने सूचना प्रसारण को अधिक तौर पर नियंत्रित किया है। शीर्ष चिकित्सा विशेषज्ञ अब राष्ट्रीय टीवी स्टेशनों के समाचार साक्षात्कार में दिखाई नहीं देते हैं। मेडिकल जर्नल "द लैंसेट" ने हाल में अपने संपादकीय में कहा कि अमेरिकी सरकार ने अमेरिकी रोग नियंत्रण केंद्र के अधिकार को बहुत सीमित कर दिया है। आज तक अमेरिका में नये कोरोना वायरस महामारी के मृतकों की संख्या 88 हजार तक जा पहुंची है। लेकिन अमेरिकी राजनीतिज्ञ फिर भी नये अफवाह फैलाने में लगे हुए हैं। अधिकाधिक तथ्य उभरने के साथ-साथ अमेरिकी राजनीतिज्ञ सच्चाइयों को छिपाने के लिए अधिक मुश्किल महसूस होंगे।

(साभार-चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)