avdertisement
china

चीनी चिकित्सा विशेषज्ञ दल ने इटली में कोरोना वायरस की रोकथाम व नियंत्रण पर अपने अनुभव साझा किया

12 मार्च की रात को चीनी राष्ट्रीय स्वास्थ्य समिति और चीनी रेड क्रॉस द्वारा स्थापित चिकित्सा विशेषज्ञ दल इटली की राजधानी रोम पहुंचा। विशेषज्ञ दल के 9 सदस्यों ने इतालवी रेड क्रॉस,इतालवी राष्ट्रीय संक्रामक रोग संस्थान के संबद्ध अस्पताल और रोम विश्वविद्यालय के संबद्ध अस्पताल में कोरोना वायरस की रोकथाम व नियंत्रण पर अपने अनुभव साझा किये। विशेषज्ञ दल के नेता, चीनी रेड क्रॉस के उपाध्यक्ष सन शुओपेंग ने कहा कि इतालवी पक्ष विशेष रूप से चीन की राष्ट्रीय रक्षा नियंत्रण योजना, निदान व उपचार कैटलॉग की सामग्री और प्रथाओं के बारे में अधिक जानना चाहते हैं।

रोम विश्वविद्यालय के संबद्ध अस्पताल में गहन देखभाल इकाई के निदेशक प्लेसी ने कहा कि चीनी चिकित्सा विशेषज्ञ समूह द्वारा साझा की गई जानकारी इटली में महामारी विरोधी काम के लिए बहुत उपयोगी है। गंभीर महामारी की स्थिति के कारण से इटली ने शहर को बंद करने का अभूतपूर्व उपाय अपनाया। सन शुओपेंग ने इसके तहत कहा कि शहर को बंद करना एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जिससे जनता में आत्म-सुरक्षा की जागरूकता बढ़ी। इटली ने सक्रिय व प्रभावी कार्य करना शुरू कर दिया।

सन शुपेंग का मानना है कि इटली का अगला कदम "स्तरित उपचार" को लागू करना है, जो गंभीर रूप से बीमार रोगियों, हल्के से संक्रमित रोगियों और अवलोकन कर्मचारियों को अलग अलग रखना है। इसके अलावा, पारंपरिक चीनी चिकित्सा के उपयोग ने चीन की महामारी प्रक्रिया में ठोस परिणाम प्राप्त किए हैं, और इसने अब इटली में भी बहुत अधिक ध्यान आकर्षित किया है।

स्थानीय लोगों ने इतालवी सोशल मीडिया पर चीनी चिकित्सा विशेषज्ञ समूह की सहायता के लिये अत्यधिक प्रशंसा की। सन शुओपेंग ने कहा कि इटली की मदद करने का कारण सरल है। सबसे पहले, यह मानव भाग्य समुदाय के विचार पर आधारित है,जो अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से महामारी को हारने के लिये हाथ जोड़ना है और महामारी की सभी सूचनाओं, संसाधनों, जनशक्ति और प्रभावी प्रथाओं को साझा करता है।

सन शुओपेंग ने कहा, विश्वास है कि सभी लोगों के संयुक्त प्रयासों से इटली महामारी की लड़ाई में जीत हासिल करेगा। रोम में संबंधित काम खत्म करने के बाद, चीनी चिकित्सा विशेषज्ञ दल उत्तरी इटली में पाडोवा और मिलान जैसे महामारी की गंभीर प्रभावित क्षेत्रों में जाएगा।
(साभार-चाइना रेडियो इंटरनेशनल, पेइचिंग)