China

मानवाधिकार की आड़ में चीन के अंदरूनी मामले पर हस्तक्षेप को लेकर चीन का जवाबी कदम

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद का 44 वां सम्मेलन 30 जून को जिनेवा में आयोजित हुआ। ब्रिटेन समेत अल्पसंख्यक देशों ने चीन के हांगकांग संबंधी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को लेकर बेवजह आरोप लगाया और “एक देश, दो व्यवस्थाएं” प्रणाली को बदनाम किया। उन्होने मानवाधिकार की आड़ में चीन के अंदरूनी मामले पर हस्तक्षेप किया। हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र की प्रमुख प्रशासक कैरी लैम, जिनेवा स्थित चीनी स्थाई प्रतिनिधि मंडल ने इसका दृढ़ता से जवाब दिया।    

कैरी लैम ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा केंद्र सरकार का काम व अधिकार है। हांगकांग चीन का एक अविभाजित भाग है जो उच्च स्तरीय स्वराज्य प्राप्त एक प्रशानिक क्षेत्र है। हांगकांग चीन की केंद्रीय जन सरकार के अधीन है। राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करने के लिये कानून की स्थापना करने की आवश्यकता है। इस कानून की स्थापना करने का लक्ष्य देश का विभाजन करने, राष्ट्रीय सत्ता का तोड़फोड़ करने, आतंकवादी कार्रवाई करने, बाहरी शक्ति से जोड़कर देश की सुरक्षा को हानि पहुंचाने की कार्रवाई की रोकथाम करना व सज़ा देना है।

सम्मेलन में क्यूबा ने 53 देशों की ओर से भाषण दिया कि चीन के हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र संबंधी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का समर्थन किया। क्यूबा ने कहा कि संप्रभु देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करना संयुक्त राष्ट्र संघ चार्टर का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों का एक बुनियादी मानदंड है। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून राष्ट्रीय विधायी शक्ति है, जो दुनिया में किसी भी देश के लिए ऐसा है। यह मानवाधिकार का मामला नहीं है और इस पर मानवाधिकार परिषद में चर्चा नहीं की जानी चाहिए। 

वहीं संयुक्त राष्ट्र स्थित चीनी स्थाई प्रतिनिधि मंडल ने क्यूबा समेत देशों की न्यायिक स्वर की उच्च प्रशंसा की। चीनी प्रतिनिधि ने कहा कि ब्रिटेन समेत अल्पसंख्यक देशों ने राजनीतिक उद्देश्य से पक्षपात और झूठी सूचना फैलाकर मानवाधिकार परिषद में चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की स्थापना वाली उचित कार्रवाई पर बेवजह आरोप लगाया, उन्होंने मानवाधिकार का बहाना बनाकर चीन के अंदरूनी मामले और कानून निर्माण की प्रभूसत्ता पर हस्तक्षेप किया। उनके इस कृत्य ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन किया है। चीन ने इसका दृढ़ता से विरोध किया है। 
( साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग )