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Chandigarh University

चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में पहुंचे हिमाचल के मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि शिक्षा एक ऐसा घटक है, जिसके कारण लोकाचार के निर्माण के साथ-साथ राष्ट्रीय विकास और सुरक्षा के लिए राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संस्थान तैयार होते हैं। वह आज पंजाब राज्य के मोहाली में चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए शिक्षा में वैश्विक मानवता, वैज्ञानिक उत्सुकता, ज्ञान, अध्यात्म आदि का समावेश आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कार्य के प्रति प्रेम और उत्साह के माध्यम से वांछित उद्देश्यों को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमारे देश ने अधोसंरचना, आर्थिक विकास, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और शिक्षा के क्षेत्रों में बहुत उपलब्धियां हासिल की हैं। इस गति को कायम रखने के लिए यह आवश्यक है कि शिक्षा की सुदृढ़ प्रणाली समान रूप से कार्य करें, ताकि उच्च योग्यता प्राप्त, प्रतिभावान और प्रतिबद्ध श्रमशक्ति तैयार की जा सके।

जय राम ठाकुर ने कहा कि चंडीगढ़ विश्वविद्यालय देश का प्रमुख शिक्षण संस्थान बनकर उभरा है, जो युवाओं को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विश्वविद्यालय में विश्व स्तरीय अध्ययन पद्धति का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज की आर्थिक आवश्यकताओं के कारण तकनीकी और व्यवसायिक शिक्षा अत्यंत अनिवार्य बन गई है। राष्ट्र निर्माण के लिए यह आवश्यक है कि शिक्षा आर्थिक, लोकतांत्रिक और आध्यात्मिक वास्तविकताओं की पूर्ति करे। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि चंडीगढ़ विश्वविद्यालय ने शोध कार्य में 600 से अधिक पेटेंट दाखिल किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में सुरक्षित हैं और प्रतिभावान युवाओं को अपने जीवन में आगे बढ़ने व तरक्की के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता के लिए कुछ नया सीखने की जिज्ञासा अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धा के युग में हम अपने मूल्यों, संस्कृति और परंपराओं को भूलते जा रहे हैं, जो चिंता का विषय है। भारत को कभी विश्व गुरू कहा जाता था और यह हम सबका उत्तरदायित्व है कि देश के पुराने वैभव को पुनः हासिल करने के लिए प्रयास करें।

युवाओं में नशे के प्रति बढ़ते चलन पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इससे हमारे समाज को बहुत नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि इस सामाजिक बुराई के विरूद्ध लड़ाई लड़ें, क्यांेकि केवल कानून से ही इस पर नियंत्रण नहीं पाया जा सकता। चंडीगढ़ विश्वविद्यालय के चांसलर सतनाम सिंह संधु ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। कुलपति प्रोफेसर आरएस बावा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।