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शनिवार के दिन करें इस मंत्र का जाप, शनि की कुदृष्टि से मिलेगी मुक्ति

शनिवार का दिन शनिदेव की पूजा के लिए शुभ माना जाता है। शनिदेव को न्याय के देवता के रुप में
पूजा जाता है। सभी भक्त शनिदेव के प्रकोप से डरते हैं। वैसे तो आपने शनिदेव को प्रसन्न करने के कई
उपाय किये होंगे। आइए जानते हैं आज शनिदेव के किन मंत्रों का करें जाप-

- शनिवार के दिन 'कोणस्थ पिंगलो बभ्रु: कृष्णो रौद्रोन्तको यम: सौरि: शनैश्र्चरो मंद: पिप्पलादेन संस्तुत:'
मंत्र का 21,51 एवं 108 बार जप करने से शनि दोष से मुक्ति मिलती है।

- अगर शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे चौमुखी दीपक जलाया जाए, साथ ही उसमें थोड़े काले तिल
डाले जाएं तो इससे भी शनिदेव प्रसन्न होंगे।

- आज के दिन नहाने के बाद काले कपड़े पहनने एवं पीपल के पेड़ की जड़ में केसर, चंदन और चावल
चढ़ाने से शनि देव की आप पर कृपा होगी। इससे आपके सारे काम बन जाएंगे।

- शनि देव को प्रसन्न करने के लिए सवा किलो काले तिल का दान करना भी अच्छा माना जाता है।
इससे कार्यों में आ रही दिक्कतें दूर होंगी।

- शनि देव की कृपा पाने के लिए शाम के समय शनिदेव के किसी मंदिर में काली उड़द के पकौड़े और
बैंगन की सब्जी चढ़ाएं। ऐसा करने से आापकी सारी मनोकामनाएं पूरी होंगी।

- शनि की महादशा से छुटकारा पाने के लिए शनिवार की पिछली रात यानि शुक्रवार की रात को तीन
अलग—अलग बर्तनों में सवा किलो काले चने भिगोए। प्रत्येक बर्तन में चना सवा किलो होना चाहिए।
अब शनिवार के दिन इन भीगे चनों का एक हिस्सा भैंस को, दूसरा हिस्सा कुष्ठ रोगियों को और तीसरा
हिस्सा मछलियों को खिला दें। इससे दोष दूर हो जाएगा।

- शनिवार की शाम को अपनी लंबाई के बराबर का एक लाल रेशमी धागा लेकर उसे आम के एक पत्ते के
अंदर रख दें। अब 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करते हुए उसे नदी में बहा दें, इससे आपके रुके हुए
काम बन जाएंगे।

- शनिवार की शाम को 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें और उसके बाद अगर आप 11 हनुमान
चालीसा लोगों को बाँट दें। ऐसा करने से शनिदेव की आप पर असीम कृपा होगी।