CPC

99 सालों में सीपीसी को मिली बड़ी कामयाबी

चीनी पारंपरिक संस्कृति में “9” अंक खास अर्थ है, जो “सबसे बड़ा” , “सर्व सम्मानित” और “स्थाई” का मतलब होता है। 
पहली जुलाई 2020 को, विश्व में सबसे बड़ी सत्तारूढ़ पार्टी यानी चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की स्थापना की 99वीं वर्षगांठ है। शुरु में केवल 50 से अधिक सदस्य थे, 99 सालों के विकास और सत्ता में 71 सालों के बाद अब यह पार्टी 9 करोड़ सदस्यों वाली सबसे बड़ी सत्तारूढ़ पार्टी बन चुकी है। वह चीनी जनता का नेतृत्व करते हुए लगातार कई वर्षों में वैश्विक आर्थिक वृद्धि के लिए 30 प्रतिशत का योगदान देती है। अब चीन विश्व आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण इंजन बन चुका है।  
“जनता को लाभ पहुंचाना और चीनी राष्ट्र का पुनरुत्थान करना” चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का प्रारंभिक इरादा और मिशन है। “खुशहाली के रास्ते पर एक भी जन पीछे नहीं छूटना चाहिए”। यह सीपीसी के महासचिव शी चिनफिंग की बात है।

नवम्बर 1978 में मध्य चीन के आनह्वेइ प्रांत की फंगयांग काउंटी में श्याओकांग गांव में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने सुधार और खुलापन शुरु किया। 40 से अधिक सालों के विकास से वह एक अत्यंत गरीब स्थल से एक समृद्ध गांव में परिवर्तित हो गया। आज, इस गांव में सभी खेतों में यंत्रीकृत खेती साकार हुई, गांववासी पारिवारिक हॉटल स्थापित कर देश-विदेश से आए पर्यटकों का सत्कार करते हैं। 

इसके साथ ही श्याओकांग गांव में कृषि उत्पादों का प्रोसेसिंग कारखाना स्थापित हुआ, प्रति गांववासियों की सालाना औसतन आय 25 हज़ार युआन से अधिक है, वे सुन्दर रिहायशी मकानों में रहते हैं और उनके पास गाड़ी भी है।  

40 साल पहले इस गांव के स्कूल में विद्यार्थियों के पास मेज भी नहीं होती थी, छात्रों को घर से छोटी बेंच लाना पड़ती था। लेकिन आज, गरीबी समाप्त कर श्याओकांग गांव के स्कूल में इक बड़ी इमारत बनी है, विद्यार्थी मैदान में खेल की कक्षा लेते हैं।    
गौरतलब है कि गत सदी के 70 के दशक के अंत से आज तक, पिछले 40 से अधिक सालों में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में चीनी जनता गरीबी के खिलाफ़ लड़ाई लड़ रही है। इस दौरान 70 करोड़ गरीब जनसंख्या गरीबी से मुक्त हो गई। चीन के गांवों में गरीबी दर 1978 में 97.5 प्रतिशत से 2019 में 0.6 प्रतिशत तक पहुंच गई।

मिस्र की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव सलाह एड्ली ने कहा कि चीन में गरीबी उन्मूलन की कामयाबी से इस बात को दर्शाता है कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी हमेशा से जनता की सेवा करती है, जनता के स्वप्न की प्राप्ति में मदद देती है। यह चीनी जनता के कम्युनिस्ट पार्टी का समर्थन करने का कारण है। 

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा कि जनता उच्चतम है, जान उच्चतम है। जनता की जान, सुरक्षा और शारीरिक स्वास्थ्य की रक्षा करने के लिए कोई भी कीमत चुकानी चाहिए।

साल 2020 में कोरोना वायरस निमोनिया महामारी से गंभीर चुनौती सामने आई। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने चीनी जनता का नेतृत्व कर महामारी के खिलाफ़ लड़ाई लड़ी। आंकड़ों के मुताबिक, करीब 3 करोड़ सीपीसी सदस्य महामारी-रोधी युद्ध में भाग लिया, जिनमें 396 की मौत युद्ध के अग्रिम मोर्चे पर हुई, 2337 सीपीसी सदस्य महामारी के मुकाबले के दौरान संक्रमित हुए। देश भर में महामारी-रोधी लड़ाई में 25 हज़ार से अधिक आम नागरिक सीपीसी सदस्य बने।

रूसी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के अध्यक्ष गेन्नेडी ज़ुगानोव ने कहा कि चीनी जनता सीपीसी के नेतृत्व में महामारी के खिलाफ़ युद्ध में अहम फल प्राप्त किया। इसके साथ ही चीन अन्य देशों में महामारी के मुकाबले में सक्रिय योगदान देता है, उसने अपने वास्तविक कार्रवाई से मानव जाति के साझे भाग्य वाली विचारधारा दिखाई है। 
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)