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बोरिस जॉनसन ने ब्रिटेन में नस्लवाद से लड़ने के लिए नया आयोग गठित किया

लंदन: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने ब्रिटेन में नस्लवाद और असमानता के सभी प्रकारों से निपटने के लिए नये आयोग के गठन की सोमवार को घोषणा की। दुनिया भर में नस्लवाद के खिलाफ हो रहे ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ प्रदर्शनों की प्रतिक्रिया स्वरूप यह घोषणा की गई।

जॉनसन ने कहा कि अमेरिका के मिनियापोलिस में पुलिस हिरासत में 46 वर्षीय अफ्रीकी-अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद ब्रिटेन में पिछले कुछ हफ्तों में प्रदर्शनों में शामिल हुए हजारों लोगों को नजरअंदाज करना संभव नहीं है।

प्रधानमंत्री ने ‘द डेली टेलीग्राफ’ में लिखा, ह्लइस देश की फिक्र करने वाला कोई भी व्यक्ति उन हजारों लोगों को नजरअंदाज नहीं कर सकता जो ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ आंदोलन में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए शामिल हुए। उन्होंने कहा, ह्लयह कहने का कोई फायदा नहीं है कि नस्लवाद से निपटने में हमने बहुत प्रगति की है। हमें बहुत कुछ करने की जरूरत है और हम करेंगे। अब समय है कि आयोग असमानता के सभी पहलुओं - रोजगार में, स्वास्थ्य में, अकादमिक क्षेत्र में और जीवन के सभी क्षेत्रों को देखे। पार्लियामेंट स्क्वायर में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ंिवस्टन र्चिचल समेत अन्य की प्रतिमाओं एवं स्मारकों को प्रदर्शनकारियों द्वारा निशाना बनाए जाने के खिलाफ अपने पूर्व के बयानों को दोहराते हुए जॉनसन ने कहा कि ध्यान समस्या के ह्लमूलह्व से निपटने पर होना चाहिए न कि प्रतीकों पर।

उन्होंने कहा, ह्लहमें वर्तमान से निपटने की जरूरत है, इतिहास को दोबारा लिखने का प्रयास नहीं - और इसका मतलब हुआ कि हमें कभी न खत्म होने वाली इस चर्चा में नहीं फंसना चाहिए कि जनता की नजर में कौन सी प्रसिद्ध ऐतिहासिक हस्ती काफी ईमानदार या राजनीतिक रूप से सही थी। जॉनसन ने प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त करने पर आपत्ति जताई और कहा कि यह हिंसा से सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने भर की बात नहीं है लेकिन मैं पूर्ण सांस्कृतिक परिदृश्य को परिर्वितत करने के बढ़ते अभियान को लेकर संदिग्ध हूं।

प्रधानमंत्री ने नये आयोग का विस्तृत ब्यौरा अभी सामने नहीं रखा गया है कि इसका ढांचा कैसा होगा और यह कब तक अस्तित्व में आएगा लेकिन ब्रिटेन के समता मंत्री केमी बादेनोख इसका जिम्मा संभालेंगे और इसमें स्वतंत्र सदस्य शामिल होंगे। विपक्षी लेबर पार्टी ने इस कदम की आलोचना की है और समीक्षा की बजाय कार्रवाई की मांग की।