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टिप्पणीः चीन-रूस संबंधों को बिगाड़ने वाली अफवाहों से सावधान रहें

हाल में कुछ मीडिया संस्थाओं ने मॉस्को पुलिस द्वारा महामारी रोकने के लिए चीनी नागरिकों के खिलाफ़ कानूनी कार्यवाई करने और पृथक लोगों के साथ दुर्व्यवहार की खबरें जारी कीं, जिसने चीन और रूस दोनों देशों के लोगों का ध्यान खींचा है। रूस स्थित चीनी दूतावास की जांच के बाद साबित हुआ कि यह अफवाह सच नहीं है। कोविड-19 इस समान दुश्मन के सामने चीन और रूस को अफवाहों और गलतफहमियों को भड़काने के लिए नहीं, बल्कि एक-दूसरे को समझने और सम्मान करने और संकट में एक-दूसरे की मदद करने की जरूरत है।

चीन-रूस संबंध के निरंतर विकास के साथ दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। रूस सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक हाल में रूस में पढ़ने वाले चीनी विद्यार्थियों की संख्या 30 हजार से अधिक हो चुकी है। फरवरी में अनेक चीनी विद्यार्थी रूस वापस लौटने लगे हैं। लोगों की आवाजाही से रूस के सामने कोविड-19 से रोकने का बड़ा दबाव है। गंभीर स्थिति के मद्देनजर रूस निरंतर रोकथाम के कदमों को बदल रहा है और बाहर से रूस पहुंचने वाले लोगों से स्वेच्छा से अपने निवास स्थान में 14 दिनों के लिए पृथक रहने को कहा गया है। 

यह कदम सभी देशों के लोगों के लिए प्रभावी हैं। साथ ही रूस ने घोषणा की है वह 20 फरवरी से चीनी नागरिकों के रूस में प्रवेश करने पर अस्थायी पाबंदी लगाएगा। रूस के सख्त कदम ने रूस जाने वाले चीनी विद्यार्थियों और अन्य लोगों को असुविधा हो रही है, फिर भी रूस के लिए, यह समझ में आता है। इसे लेकर रूस स्थित चीनी दूतावास ने कहा कि रूस द्वारा महामारी की रोकथाम के लिए उठाये गये अस्थायी कदमों का सम्मान किया जाना चाहिए। हाल में रूस ने न सिर्फ चीनी नागरिकों के प्रति यह कदम उठाये , बल्कि सभी बाहर से रूस जाने वाले लोगों के प्रति समान कदम उठाये हैं। पृथक स्थल में चीनी नागरिकों के सिवाए, रूसी नागरिक और अन्य देशों के लोग भी हैं। चिकित्सक सर्वेक्षण किये जाने वाले लोगों में चीनी लोग का अनुपात भी सिर्फ एक तिहाई है।

27 फरवरी को रूस स्थित चीनी राजदूत चांग हानहुए ने रूसी उपभोक्ताओं के अधिकार संरक्षण औरनिगरानी विभाग की प्रभारी एना बोबोवा के साथ कोविड-19 के मुकाबले में सहयोग करने आदि मुद्दों पर विचार विमर्श किया। इस मौके पर चीनी राजदूत चांग ने कहा कि हाल में चीन में महामारी के रोकथाम कार्य में प्रगति मिली है और स्थिति बेहतर हो रही है। आशा है कि रूस उचित समय पर संबंधित नियंत्रण के कदम को रद्द करेगा, ताकि चीन-रूस सामान्य सहयोग पर असर न पड़े। साथ ही उन्होंने आशा भी जतायी कि रूस कानूनी कार्यवाई करते समय और उचित होने की कोशिश करेगा और दोनों देशों की जनता की परम्परागत मैत्री की रक्षा कर सके। बोबोवा ने कहा कि रूस ने चीन के महामारी संघर्ष में अनेक मूल्यवान अनुभव सीखे हैं। रूस रूस जाने वाले सभी विदेशी लोगों के साथ समान व्यवहार करता है। रूस चीन के साथ इस संदर्भ में सहयोग मजबूत करना चाहता है। वायरस से पृथक करें, जबकि प्यार और मैत्री से पृथक न करें। महामारी के सामने चीन, रूस या अन्य देशों को अफवाहों से सतर्क रहना चाहिए और एक दूसरे से समझना चाहिए और हाथ मिलाकर मुसीबतों को दूर करना चाहिए।
(साभार-चाइना रेडियो इंटरनेशनल, पेइचिंग)