3 planets, सूर्य ग्रहण

हो जाएं सावधान, आ रहे 3 ग्रहण एक साथ

एक वर्ष में 6 ग्रहण कोई साधारण घटना नहीं है। वर्ष 2020 का प्रथम ग्रहण 10 जनवरी को चंद्र ग्रहण लग चुका है। दूसरा चंद्र ग्रहण 5 जून को, तीसरा 5 जुलाई को और चौथा 30 नवंबर को लगेगा, वहीं साल का पहला सूर्य ग्रहण 21 जून को लगेगा, जो भारत में दिखाई देगा। दूसरा 14 दिसंबर को, जिसे भारत में नहीं देखा जा सकेगा। 5 जून से लेकर 5 जुलाई के बीच दो चंद्र और एक सूर्य ग्रहण लगने शुभ संकेत नहीं हैं।

इस साल का दूसरा चंद्र ग्रहण 5 और 6 जून की रात को लगेगा, यह भारत में दिखाई नहीं देगा। 5 जून को लगने वाला ग्रहण एक उपछाया चंद्र ग्रहण होगा। यह ग्रहण यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, साउथ/ईस्ट अमरीका, पूर्वी ब्राजील, उरूग्वे, अर्जेंटीना और प्रशांत तथा हिंद महासागर आदि क्षेत्रों में दिखाई देगा। यह ग्रहण 5 जून को रात 11.16 बजे शुरू होगा और 6 जून को रात 2.34 बजे तक रहेगा। 6 जून रात 12.55 बजे यह अधिकतम होगा। ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 18 मिनट होगी।

ज्योतिषाचार्या डा. पुनीत गुप्ता ने बताया कि उपछाया चंद्र ग्रहण उस समय लगता है, जब पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा चंद्रमा ‘पेनुम्ब्रा (धरती की परछाई का हलका भाग) से होकर गुजरता है। हालांकि इस ग्रहण को आप साफ तौर पर आसमान में नहीं देख सकेंगे। चंद्र बिम्ब पर मलिन्य मात्र छाया आने के कारण इसे ग्रहण की कोटि में नहीं रखा जाता। उन्होंने कहा कि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इस ग्रहण का भारत में प्रभाव नहीं पड़ेगा।

21 जून को पड़ने वाला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई देगा और इसका प्रभाव भी भारत में पड़ेगा। इसके बाद 5 जुलाई में फिर एक चंद्र ग्रहण पड़ेगा, जोकि 5 जुलाई सुबह स्पर्श 8:37 से और मोक्ष 11:22 तक रहेगा। यह उपछाया ग्रहण भी भारत में यह दृष्टिगोचर नहीं होगा। उपछाया ग्रहण के सूतक आदि ग्रहण संबंधी धार्मिक कृत्यों का विचार नहीं होता है। यह उपछाया दक्षिण-पश्चिम यूरोप, अफ्रीका, अमेरिका, प्रशांत अटलांटिक तथा हिंद महासागर में दिखेगा।

ज्योतिषाचार्या डा. पुनीत गुप्ता ने बताया कि 21 जून को पड़ने वाले सूर्य ग्रहण के समय 6 ग्रह बुध, बृहस्पति, शुक्र , शनि, राहु, केतु वक्री होंगे। कई दशक बाद ऐसा संयोग बन रहा है जब एक साथ 6 ग्रह सूर्य ग्रहण पर वक्री होंगे। इन छह ग्रहों का वक्री होना यानी एक बहुत बड़ा तहलका मचाने वाला है। वक्री होने से इन ग्रहों की चाल उल्टी हो जाएगी, जिसका सीधा असर मानव जीवन पर पडेÞगा। 

ज्योतिष की दृष्टि से इसे बिल्कुल भी शुभ नहीं माना जा सकता। 21 जून को लगने वाला सूर्य ग्रहण सुबह 9.15 से दोपहर 3.04 तक लगेगा। इसकी कुल अवधि 5 घंटे 48 मिनट 3 सैकेंड की होगी। यह ग्रहण भारत के अतिरिक्त दक्षिण-पूर्व यूरोप, एशिया, आस्ट्रेलिया, न्यू गियाना, फिजी, अमेरिका, प्रशांत व हिंद महासागर, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, चीन, बर्मा और फिलीपींस आदि में दिखाई देगा। शास्त्रों के अनुसार चंद्र ग्रहण में 9 घंटे तथा सूर्य ग्रहण में 12 घंटे पूर्व सूतक लग जाता है।