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महामारी के सामने बांडुंग भावना को बढ़ावा दिया जाना चाहिए

वर्तमान में कोविड-19 महामारी दुनिया भर में फैल रही है। इस महामारी में 1 लाख 70 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। विभिन्न देशों के अर्थतंत्र, राजनीति और समाज के विभिन्न क्षेत्र इस से प्रभावित हो रहे हैं। इसके साथ एशियाई-अफ्रीकी सम्मेलन यानी बांडुंग सम्मेलन की 65वीं वर्षगांठ आ रही है। इंडोनेशिया के विशेषज्ञों और विद्वानों ने कहा कि आज, निमोनिया महामारी फैल रही है, लेकिन सभी देशों को एकता, मित्रता और सहयोग की बांडुंग भावना को बढ़ावा देने की आवश्यकता है, ताकि विभिन्न देश एक साथ कोविड-19 को हराएंगे।

पेइचिंग स्थित इंडोनेशिया की अंतरा न्यूंज एजेंसी के प्रमुख संवाददाता एम. इरफ़ान इल्मी ने लिखा कि हालांकि कोविड-19 महामारी फैलने की वजह से इस वर्ष बांडुंग में एशियाई-अफ्रीकी सम्मेलन के आयोजन की 65वीं वर्षगांठ मनाने की गतिविधि आयोजित नहीं की जा सकती है। लेकिन बांडुंग भावन में एशियाई और अफ्रीकी देशों के बीच एकता और सहयोग फिर भी महत्वपूर्ण है। महामारी के बाद इंडोनेशिया और चीन के नेताओं ने फोन किया और कहा कि वे एक दूसरे का समर्थन करेंगे, महामारी को रोकने का अनुभव साझा करेंगे।  

चीन के जीलीन विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय संबंधों में डॉक्टरेट की पढ़ाई कर रहे हैं इमरोन रोशदी हमीद ने कहा कि 20वीं शताब्दी के मध्य में आयोजित एशियाई-अफ्रीकी सम्मेलन 21वीं शताब्दी नए विश्व पैटर्न के जन्म पर एक महत्वपूर्ण प्रभाव है। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा कि एशियाई-अफ्रीकी सम्मेलन में प्रस्तुत शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के पांच सिद्धांत को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के मानव जाति के सुन्दर भविष्य, मानव जाति के भाग्य समुदाय का निर्माण करने के मार्गदर्शक सिद्धांतों में से एक होना चाहिए। उन्होंने एक दूसरे के लाभ वाले समान जीत की इस दृष्टिकोण को मानव जाति के भाग्य के समुदाय की ऊंचाई तक उठाया।
(साभार---चाइना रेडियो इंटरनेशनल ,पेइचिंग)