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एसडीआरएफ पर फूटा जम्मू-कश्मीर के युवाओं का गुस्सा, लंबे इंतजार के बाद भी नहीं मिली नौकरी

जम्म-कश्मीरः जम्मू-कश्मीर के ज्यातर युवा इस वक्त बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। सरकारी नौकरी के लिए भर्तियों में हिस्सा लेने के बाद भी कुछ युवाओं को निराशा के सिवाय और कुछ हासिल नहीं हुआ है। इस वक्त वो युवा सबसे जयादा परेनेशान हैं जिन्हें  लगभग 6-7 साल के लंबे इंतजार के बाद भी नौकरी नहीं मिल पाई है। दरअसल, 2012 में केंद्र सरकार ने दो बटालियन बनाने की स्वीकृति दी थी, लेकिन 2018 में महज 350 पदों के लिए ही भर्ती की गई। जिसके बाद निराश यह युवा कह रहे हैं कि यह उनके साथ धोखा हुआ।  

युवाओं का कहना है कि 2012 में केंद्र सरकार ने दो बटालियन की स्वीकृति दी थी, लेकिन राज्य सरकार ने इस मामले में कुछ नहीं किया। उस समय दो बटालियन के आधार पर ही भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए थे। जिन्होंने भी फार्म भरे, उनकी 2018 में भर्ती की गई। 2012 के छह साल बाद 2018 में कहा गया कि बटालियन के स्थान पर यह भर्ती महज 350 पदों के लिए है। युवाओं का आरोप है कि अप्रैल 2018 में भर्ती में जो लोग शारीरिक प्रक्रिया को पार कर गए, उनके साथ धोखा हुआ है। छह साल में कितने ही युवा ओवरएज हो गए। यह एसडीआरएफ की लापरवाही के कारण हुआ।