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टिप्पणी : अमेरिकी राजनीतिज्ञ दूसरों पर निराधार आरोप लगा कर अपनी गलतियों को ढंक नहीं सकते

अमेरिका में कोविड-19 संक्रमितों की संख्या और इस महामारी से मृतकों की संख्या बढ़ने के  साथ कुछ अमेरिकी राजनीतिज्ञों ने चीन पर हमला करना और जिम्मेदारी थोपना तेज कर दिया। अमेरिकी विदेश मंत्री माइकपोम्पियो,ह्वाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटरनावार्रो,सीनेटरटोमकोटन और लिंडसीग्राहम जैसे लोगों ने एक के बाद एक चीन पर निराधार आरोप लगाये।उन सभी का दावा है कि वायरस का स्रोत चीन से है और चीन पर महामारी की सूचना छिपाने का आरोप लगाया है, साथ ही चीन पर कोविड-19 के विश्व में फैलने की जिम्मेदारी थोपने की कुचेष्टा की है।

हिन्दी में एक कहावत है- दूध का दूध, पानी का पानी।कोविड-19 महामारी के मुकाबले में चीन के प्रदर्शन को विश्व स्वास्थ्य संगठन समेत अंतरराष्ट्रीय समाज की अभिस्वीकृति मिली है।उल्लेखनीय बात है कि मशहूर वैज्ञानिक पत्रिका नेचर ने हाल ही में कोविड-19 को लेकर बदनामी बंद करें नामक टिप्पणी जारी की,जिसने कोविड-19 और वुहान को जोड़ने पर क्षमा मांगी।नेचर ने वैज्ञानिक रूख से कुछ अमेरिकी राजनीतिज्ञों द्वारा चीन को बदनाम किये जाने को गलत करार दिया।इसके साथ इस टिप्पणी ने कुछेक पश्चिमी राजनीतिज्ञों से एक वायरस को किसी विशेष स्थान के साथ जोड़ने की गैर-जिम्मेदाराना कार्रवाई बंद करने की अपील की।   

विश्लेषकों के विचार में वायरस को पराजित करने के लिए निराधार आरोप और बेतूकी बातों के बजाये विज्ञान और विवेक की जरूरत है।कुछ अमेरिकी राजनीतिज्ञ चीन पर झूठा आरोप लगाने से महामारी के मुकाबले में अपनी तीन बड़ी गलतियों को ढंक नहीं सकते।

गलती नं.1 : अज्ञान और घमंड से महामारी की उपेक्षा कर दो महीने का समय गंवाया गया
एपी की 12 अप्रैल की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने पिछली दिसंबर में चीन की खुली रिपोर्ट से कोविड-19 का पता लगाया था। इस साल 3 जनवरी को अमेरिका के रोग रोकथाम और नियंत्रण केंद्र के निदेशक रोबोर्ट रेडफील्ड को फोन पर चीन सरकार का चेतावनी संदेश मिला। लेकिन 18 जनवरी को अमेरिकी स्वास्थ्य मंत्री अलेक्सअजार को अमेरिकी नेता से रिपोर्ट करने का मौका मिला।अमेरिकी सरकार ने काफी समय तक इस महामारी को कम खतरनाक समझा और चीन से आये संदेश को अविश्वसनीय करार किया।इस तरह अमेरिका ने व्यर्थ में दो महीने का समय गंवाया।  

गलती नं.2 :पार्टियों के बीच आंतरिक संघर्ष से महामारी के मुकाबले पर फोकस नहीं किया जा सकता
न्यूयॉर्क टाइम्स ने 11 अप्रैल को आलेख जारी कर महामारी के खिलाफ अमेरिका के निपटारे का सिंहावलोकन किया और बताया कि इस दौरान अमेरिकी नेता ने चेतावनी को अनसुनी कर बारांबार गलतियां कीं।महामारी के मुकाबले के बजट अनुदान के बारे में अमेरिका की दो पार्टियों,स्वास्थ्य विभाग तथा व्हाइट हाउस के बजट विभाग ने लंबे समय तक वाद-विवाद किया।6 मार्च को अमेरिकी नेता ने आपात अतिरिक्त अनुदान बजट विधेयक पर हस्ताक्षर किये, लेकिन काफी देरी हो चुकी थी। 

गलती नं.3 :अमेरिकी फर्स्ट ने महामारी के खिलाफ सहयोग को नष्ट किया 
अमेरिका ने खुलेआम अनेक देशों के मास्क लूटे और विश्व स्वास्थ्य संगठन को पूंजी देना बंद करने की धमकी दी, लेकिन तथ्यों से साबित है कि विश्व में महामारी मिटाने के लिए एकजुटता और सहयोग करना जरूरी है।
लोगों की जिंदगी बचाने पर ध्यान न देना ही अमेरिका में महामारी के असफल नियंत्रण का मूल कारण है।
(साभार-चाइना रेडियो इंटरनेशनल, पेइचिंग)