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महामारी के खिलाफ़ अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाया, चीन को मिली व्यापक मान्यता

वायरस की कोई राष्ट्रीय सीमा नहीं होती और न ही कोई नस्लीय अंतर है। एकता और सहयोग से हाथ मिलाकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में महामारी को खत्म किया जा सकेगा। कोविड-19 महामारी के प्रकोप के बाद चीन मानव जाति के साझे भाग्य समुदाय वाली विचारधारा अपनाते हुए खुले, पारदर्शी और जिम्मेदाराना रूख अपनाते हुए महामारी से संबंधित सूचना को ठीक समय पर सूचित करता है और विश्व स्वास्थ्य संगठन तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ महामारी की रोकथाम, उस पर अंकुश लगाने, महामारी का नैदानिक उपचार तथा वैज्ञानिक अनुसंधान आदि क्षेत्र में सहयोग करता है। इसके साथ ही चीन ने विभिन्न पक्षों को यथा संभव सहायता दी। चीन के इन कदमों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय में उच्च मूल्यांकन और व्यापक मान्यता हासिल हुई।

1.4 अरब चीनियों के समान प्रयास से चीन ने अपने देश में महामारी की स्थिति पर काबू पा लिया है, जीवन उत्पादन बहाल होने के साथ-साथ लगातार सुदृढ़ होने लगी है। महामारी के प्रकोप के बाद चीन और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संगठन के देसी-विदेशी विशेषज्ञों से गठित संयुक्त दल ने चीन में संबंधित रोकथाम और नियंत्रण कार्य का निरीक्षण किया। फरवरी के मध्य और अंत में निरीक्षण दल ने पेइचिंग, क्वांगतोंग, सछ्वान और हूपेई के वुहान का दौरा किया। 24 फरवरी को संयुक्त दल द्वारा आयोजित न्यूज़ ब्रीफिंग में दल के विदेशी प्रधान, डब्ल्यूएचओ महानिदेशक के उच्च स्तरीय सलाहकार ब्रूस एलिवर्ड ने कहा व्यक्तिगत दौर पर और दल के सदस्यों की ओर से चीनी जनता के प्रति आभार जताया। संयुक्त दल के विचार में चीन ने अभूतपूर्व सार्वजनिक स्वास्थ्य कदम उठाए, महामारी के फैलाव और मनुष्य के बीच महामारी के संक्रमण को रोकने के क्षेत्र में उल्लेखनीय कामयाबी हासिल की, जिससे कम से कम लाखों व्यक्ति महामारी से संक्रमित होने से बच गए, या स्थगित हुए। 

जनवरी में डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने चीन की यात्रा की। उन्होंने खास तौर पर महामारी की सूचना की पारदर्शीता और सार्वजनिकता की प्रशंसा की। ब्रिटिश पत्रिका“द लांसेट”ने घेब्रेयसस और डब्ल्यूएचओ के वरिष्ठ वैज्ञानिक सुमिया स्वामीनाथन के साथ संयुक्त नामांकित लेख प्रकाशित कर कहा कि चीनी चिकित्सकों ने फ्लू के सीजन में जल्द ही नए कोरोनावायरस को पहचाना और अंतरराष्ट्रीय साथियों के साथ संबंधित वायरस के जीन अनुक्रम को साझा किया, जिसे बाद में वैज्ञानिक और अनुसंधान कार्य के लिए आधार तैयार हुआ। चीन अपने देश में महामारी की रोकथाम और नियंत्रण के दौरान अथक प्रयास करता रहा। चीन ने न केवल दूसरे देशों के लिए मूल्यवान समय बचाया और साथ ही अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक जगत में इस महामारी के समान रूप से मुकाबला करने के लिए रास्ता प्रशस्त किया।    

इधर के दिनों में महामारी विश्व के कई देशों में तेज गति से फैल रही है, जो वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा को बड़ी चुनौती सामने आई। कुछ देशों के लोगों का कहना है कि महामारी की रोकथाम, नियंत्रण, नैदानिक उपचार आदि क्षेत्रों में चीन के अनुभव बहुत मूल्यवान हैं। मार्च के अंत तक चीन ने दुनिया भर में 180 से अधिक देशों और क्षेत्रों, 10 से अधिक अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय संगठनों के साथ महामारी की रोकथाम, नियंत्रण और नैदानिक उपचार के प्रस्ताव को साझा किया, इनके अलावा, चीनी चिकित्सकों ने 100 से अधिक देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के विशेषज्ञों के साथ वीडियो सम्मेलन का आयोजन किया। 

नए कोरोनावायरस महामारी के प्रकोप से एक बार फिर सारी दुनिया को साबित हो गया कि मानव जाति समान भाग्य वाला समुदाय है। एकता और सहयोग करते हुए हाथ मिलाकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में महामारी को खत्म किया जा सकेगा, और मानव जाति के समान घर की रक्षा की जा सकेगी।
(साभार-चाइना रेडियो इंटरनेशनल, पेइचिंग)