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60 बहु राष्ट्रीय कंपनियां हरियाणा में निवेश करने के लिए इच्छुक

चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि कोरोना महामारी के चलतेघोषित लॉकडाऊन के दौरान चरणबद्ध तरीके से औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों में और अधिक तेजी लाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए, चीन से जो देश अपने औद्योगिक कार्यों स्थानांतरित अन्य देशों में करने के इच्छुक है वे अब भारत में निवेश करना चाहते हैं। उन्हें हरियाणा में प्राथमिकता देने की पहल की जा रही है। जापान, अमरीका, कोरिया, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और ताइवान के निवेशकों के साथ हरियाणा लगातार प्रयासरत है। 

मुख्यमंत्री शनिवार को ‘हरियाणा आज’ कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेशवासियों को संबोधित कर रहे थे। भौगोलिक दृष्टि से हरियाणा पहले ही विदेशी निवेशकों की पहली पसंद है। उन्होंने कहा कि पिछले 5 वर्षों से हरियाणा में उद्योग मैत्री माहौल बनाया है। ईज ऑफ़  डुइंग बिजनेस के मामले में वर्ष 2014 में हरियाणा देश में 16वें स्थान पर था, इसमें हमने सुधार किया है और अब ईज ऑफ़ डुइंग बिजनेस में हम तीसरे स्थान पर हैं तथा उत्तरी भारत में पहले स्थान पर है। उन्होंने कहा कि 60 बहु राष्ट्रीय कंपनियों से हरियाणा में निवेश करने को लेकर बातचीत चल रही है। 

उन्होंने कहा कि उद्योग केवल एक जिले में सीमित न रहे, इसके लिए उद्योगों को पूरे राज्य में बढ़ाने के लिए जिला वार क्लस्टर योजना बनाई जाएगी। इसके लिए आगामी भविष्य में सड़क की व्यवस्था, रेल की व्यवस्था या अन्य कोई आवश्यकता होगी तो उसे पूरा करेंगे। इससे एक ओर जहां उद्योगोंको बढ़ावा मिलेगा वहीं रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। 

उन्होंने कहा कि हरियाणा के युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से रोजगार के योग्य बनाने के लिए विश्वकर्मा हरियाणा कौशल विकास विश्वविद्यालय से प्रशिक्षण पाठयक्रमचलाए जा रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि एमएसएमई अपने श्रमिकों को समय पर वेतन दे सके, इसके लिए 20 हजार रुपए प्रति श्रमिक की दर से बैंक से ऋण दिलवाने की सुविधा दी गई है, जिसमें 6 महीने तक का ब्याज लाभ हरियाणा सरकार द्वारा दिया जाएगा, जो लगभग 250 करोड़ रुपए बनेगा। उन्होंने कहा कि इस लोन के लिए उन्हें बैंक को किसी प्रकार की कॉलेटरल या गारंटी नहीं देनी, यदि कोई ऐसा प्रावधान आएगा तो उसकी चिंता प्रदेश सरकार करेगी। 

उन्होंने कहा कि उद्योगों द्वारा दिए जा रहे 2 महीने के अग्रिम विकास चार्ज (एडीसी) के ब्याज को बिजली बिलों में समायोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एग्रो इंडस्ट्रीज जिनके 20 किलोवाट तक के बिजली कनेक्शन है, जिन्हें अब तक लगभग 7.50 और 8 रुपए की दर थी, यह दर 1 अप्रैल से 4.75 रुपये प्रति युनिट की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह बजट के समय की घोषणा है और इसे लागू करने के लिए विभाग को निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि एचएसआईआईडीसी द्वारा औद्योगिक क्षेत्र के अंदर लोगों को प्लाट दिए हैं, उनमें कुछ विवाद चल रहे हैं, इसके लिए अलग से रिड्रेसल मेकैनिज्म बनाया जाएगा ताकि जल्द से जल्द इन विवादों का निपटान हो सके।