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कश्मीर के 33 श्रमिकों को प्रशासन ने एस.आर.टी.सी. की बस से भेजा घर

बिलावर: रामकोट तहसील के दरम्मनी गांव में पिछले 3 महीनों से फंसे कश्मीर घाटी के श्रमिकों को प्रशासन ने उनके घर रवाना कर दिया। कश्मीर के जिला कुपवाड़ा के रहने बाले इन 33 श्रमिकों में चार महिलाएं और चार बच्चे भी शामिल थे। शुक्र वार को सुबह 6 बजे एस.आर.टी.सी. की एक विशेष यात्री बस द्वारा इन लोगों को उनके पैतृक गांव भेजा गया, जैसे ही यात्री बस इन लोगों को ले जाने के लिए दरम्मनी पहुंची, इन सबके चहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई। 

इस अवसर पर तहसील प्रशासन के अधिकारियों के साथ स्थानिय समाजिक कार्यकर्त्ता और पंचायत केसरपंच, पंच आदि भी उपस्थित थे। सबसे पहले समाजिक कार्यकर्त्ता मोहिंद्र सिंह मनकोटिया व उनकी टीम ने यात्री बस को अच्छी तरह से सैनेटाइज किया, ताकि बस के भीतर यदि कियी प्रकार का कोई वायरस हो तो उसके प्रभाव को समाप्त किया जा सके। इसके बाद बस के चालक विजय कुमार को सरपंच जोगिंद्र कुमार, मोहिंद्र सिंह मनकोटिया और ग्रामीण विकास विभाग के इंस्पैक्टर देसराज ने फूल देकर सम्मानित किया। 

उन्होंने कहा की यह लोग अपनी जान जोखिम में डाल कर संकट की इस घड़ी में समाज की सेवा में जुटे हुए हैं। इन कोरोना वारियर्स की जितनी भी तारीफ की जाए वह कम है। गौरतलब है कि यह श्रिमक तीन महीने पहले दरम्मनी गांव में एक सड़क के निर्माण करने के लिए आए हुए थे। लेकिनबाद में लाकडाऊन की बजह से जब निर्माण कार्य बंद हो गए तो यह लोग बिना काम के ही यहां फंस गए। पिछले कई दिनों से यह लोग प्रशासन से उन्हें घर वापस भेजने की गुहार लगा रहे थे, आखिर आज प्रशासन ने उपयुक्त प्रबंध करके उनकी घर वापिसी को संभव बना ही दिया।