WhatsApp, new privacy policy, Delhi High Court

नई प्राइवेसी पॉलिसी पर WhatsApp ने लगाई रोक, दिल्ली हाईकोर्ट में कहा- यूजर्स पर नहीं होगा कोई दबाव

नई दिल्ली: इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप ने शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि जब तक डाटा संरक्षण विधेयक प्रभाव में नहीं आ जाता तब तक वह यूजर्स को नई प्राइवेसी पॉलिसी अपनाने के लिए बाध्य नहीं करेगा और इस पॉलिसी पर अभी रोक लगा दी गई है। वॉट्सऐप ने मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ के समक्ष यह भी साफ किया कि इस बीच वह नई प्राइवेसी पॉलिसी को नहीं अपनाने वाले यूजर्स के लिए उपयोग के दायरे को सीमित नहीं करेगा।

वॉट्सऐप की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने कहा, ‘‘हम स्वत: ही इस (पॉलिसी) पर रोक लगाने के लिए तैयार हो गए हैं। हम लोगों को इसे स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं करेंगे।’’ साल्वे ने कहा कि इसके बावजूद वॉट्सऐप अपने यूजर्स के लिए अपडेट का विकल्प दर्शाना जारी रखेगा। अदालत फेसबुक और उसकी सहायक कंपनी वॉट्सऐप की अपीलों पर सुनवाई कर रही है जो वॉट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी के मामले में जांच के भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के आदेश पर रोक लगाने से इनकार करने के एकल पीठ के आदेश के खिलाफ दाखिल की गयी हैं

क्या है वॉट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी
बता दें कि वॉट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी 15 मई से लागू हो गई है। वॉट्सऐप के अनुसार यदि आप उसकी नई प्राइवेसी पॉलिसी को स्वीकार नहीं करते हैं तो वह आपके अकाउंट को डिलीट नहीं करेगा लेकिन धीरे-धीरे सभी फीचर्स को बंद कर देगा, मसलन आपको किसी के मैसेज आने का नोटिफिकेशन तो दिखगा लेकिन आप उसे पढ़ नहीं पाएंगे। नई प्राइवेसी के तहत व्हाट्सएप का डाटा फेसबुक, इंस्टाग्राम और पार्टनर कंपनियों के साथ शेयर किया जाएगा, लेकिन यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि नई पॉलिसी सिर्फ बिजनेस अकाउंट के लिए है यानी यदि आप किसी बिजनेस अकाउंट  से व्हाट्सएप पर चैट करते हैं तो सिर्फ वही डाटा कंपनी लेगी और अन्य कंपनियों को देगी, लेकिन यदि आप अपने किसी दोस्त या रिश्तेदार से आम व्हाट्एप अकाउंट से बात कर रहे हैं तो आपकी चैटिंग कंपनी नहीं देखेगी। ऐसे में सीधी बात यह है कि नई प्राइवेसी पॉलिसी सिर्फ बिजनेस अकाउंट के लिए है। इसे स्वीकार करने के बाद निजी चैट प्रभावित नहीं होंगे।

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