Serial Blasts, Kabul Airport

Kabul हवाई अड्डे के बाहर हुए दो सीरियल ब्लास्ट, इस आत्मघाती हमले में 13 लोगों की मौत

काबुल : अफगानिस्तान में बृहस्पतिवार को काबुल हवाई अड्डे के पास दो आत्मघाती हमलावरों और बंदूकधारियों ने भीड़ को निशाना बनाकर हमला किया। रूस के अधिकारियों ने बताया कि इन हमलों में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई जबकि 15 लोग घायल हुए हैं।

यह विस्फोट ऐसे समय हुआ है, जब अफगानिस्तान पर तालिबान के नियंत्रण के बाद से हजारों अफगान देश से निकलने की कोशिश कर रहे हैं और पिछले कई दिनों से हवाई अड्डे पर जमा हैं। काबुल हवाई अड्डे से बड़े स्तर पर लोगों की निकासी अभियान के बीच पश्चिमी देशों ने हमले की आशंका जतायी थी। इससे पहले दिन में कई देशों ने लोगों से हवाईअड्डे से दूर रहने की अपील की थी क्योंकि वहां आत्मघाती हमले की आशंकर जतायी गई थी। अमेरिका के एक अधिकारी का कहना है कि ह्लनिश्चित तौर पर माना जा रहा है किह्व काबुल हवाई अड्डे के पास हुए हमले के पीछे आतंकी समूह इस्लामिक स्टेट का हाथ है। इस्लामिक स्टेट समूह तालिबान से अधिक चरमपंथी है और इसने असैन्य नागरिकों पर कई बार हमले किये हैं। काबुल हवाईअड्डे पर हुए हमले की पुष्टि अमेरिका के रक्षा विभाग पेंटागन ने भी की थी। हालांकि, रूस के विदेश मंत्रलय ने आधिकारिक तौर पर इस हमले में हताहतों के संबंध में जानकारी साझा की है। 

एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया है कि इस हमले में घायल हुए लोगों में अमेरिकी सेना के जवान भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र को निशाना बनाए जाने के बावजूद निकासी अभियान के लिए काबुल हवाईअड्डे से उड़ान भरी जा रही हैं। पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि एक धमाका हवाईअड्डे के प्रवेश द्वार के पास हुआ जबकि दूसरा एक होटल से कुछ दूरी पर हुआ। एक अफगानिस्तानी व्यक्ति ने कहा कि काबुल हवाई अड्डे के एक द्वार के बाहर इंतजार कर रही भीड़ के बीच हुए धमाके के बाद उसे कुछ लोग मृत या घायल नजर आए। घटनास्थल के पास मौजूद अदम खान ने कहा कि धमाके के बाद कुछ लोग मृत और घायल नजर आ रहे थे तथा कुछ लोगों के अंगभंग हो गए थे। इस बीच, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि पिछले कुछ घंटे पहले हुए धमाकों के कारण काबुल हवाईअड्डे के पास हालात गंभीर रूप से बिगड़े हैं।

आयरलैंड के डबलिन में अपने दौरे के दौरान एक प्रेसवार्ता में मैक्रों ने कहा,  हम एक अत्यंत तनावपूर्ण स्थिति का सामना कर रहे हैं, ऐसे में हमें अपने अमेरिकी सहयोगियों के साथ समन्वय करना चाहिए। हवाई अड्डे पर हालात अनुकूल रहने तक फ्रांस अपने नागरिकों, अन्य सहयोगी देशों के लोगों और अफगानों को निकालना जारी रखेगा। वहीं, अफगानिस्तान में पशुशाला चलाने वाले ब्रिटेन के पॉल पेन ने ब्रिटिश समाचार एजेंसी को बताया कि हवाई अड्डे के पास हुए हमले के बाद की अफरा-तफरी में वह और उनके कर्मचारी भी फंस गए थे। उन्होंने बताया कि उनकी संस्था के लोग उस समय हवाई अड्डे के बाहर ही थे जब धमाका हुआ। 

पॉल ने कहा,  हम सभी सुरक्षित हैं लेकिन इस समय यहां अफरा-तफरी का माहौल है। अचानक हमे गोलियां चलने की आवाज सुनाई दीं और हमारे वाहन को निशाना बनाया जा रहा था। पिछले सप्ताह के दौरान इस युद्धग्रस्त देश से निकलने के लिए हवाई अड्डे पर अफरा-तफरी जैसा माहौल देखने को मिला था। अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद से तालिबान के क्रूर शासन की आशंका के चलते तमाम लोग देश छोड़ने को आतुर नजर आ रहे हैं। कुछ देश पहले ही अफगानिस्तान से लोगों को निकालने का अभियान समाप्त कर चुके हैं और अपने सैनिकों और राजनयिकों को निकालना शुरू कर चुके हैं। तालिबान ने तय समयसीमा में निकासी अभियान के दौरान पश्चिमी बलों पर हमला नहीं करने का संकल्प जताया था। हालांकि, यह भी दोहराया है कि अमेरिका द्वारा 31 अगस्त की तय समयसीमा में सभी विदेशी सैनिकों को देश छोड़ना होगा।

ब्रिटिश सरकार ने बृहस्पतिवार को चेतावनी दी कि इस्लामिक स्टेट (आईएस या आईएसआईएस) के आतंकवादियों द्वारा अफगानिस्तान में काबुल हवाई अड्डे पर जमा लोगों को निशाना बनाकर हमला किए जाने की ‘बहुत विश्वसनीय’ खुफिया रिपोर्ट है। ब्रिटिश सश बल मंत्री जेम्स हेप्पी ने दिन की शुरुआत में बीबीसी से कहा कि ‘बहुत विश्वसनीय’ खुफिया सूचना है कि अफगानिस्तान छोड़ने की कोशिश में काबुल हवाई अड्डे पर जमा हुए लोगों पर इस्लामिक स्ट्टेट जल्द ही हमला करने की योजना बना रहा है। पश्चिमी देशों की तरफ से हमले की आशंका जताए जाने के कुछ ही घंटे बाद धमाके की यह जानकारी सामने आई है।
 

 


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