Troubled , Delhi-NCR

10 महीने से सड़कें बंद होने से परेशान दिल्ली-एनसीआर में भारत बंद रहा बेअसर

नई दिल्ली : किसान आंदोलन के कारण दस माह से दिल्ली-एनसीआर के बॉर्डर बंद के कारण इन इलाकों में संयुक्त किसान मोर्चा का भारत बंद का आह्वान बेअसर रहा। किसानों ने शाम 4 बजे तक भारत बंद का एलान किया था। दिल्ली-एनसीआर में इसका इतना असर नजर नहीं आया। यूपी में नोएडा से खबर है कि ‘भारत बंद’ का जनपद गौतमबुद्ध नगर में कोई खास असर दिखाई नहीं दिया। नोएडा, ग्रेटर नोएडा सहित देहात व कस्बों में व्यापारिक एवं औद्योगिक प्रतिष्ठान पहले की तरह खुले रहे। प्रदर्शन स्थलों के अलावा बाजारों में भी पुलिस तैनाती की गई थी जिस कारण नोएडा, ग्रेटर नोएडा सहित देहात व कस्बों में व्यापारिक एवं औद्योगिक प्रतिष्ठान पहले की तरह खुले रहे। नोएडा के लोग सड़कें बंद होने से दस माह से परेशान हैं। यहां की एक महिला मोनिका अग्रवाल ने सड़कें खुलवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की हुई है।

हरियाणा में टिकरी बॉर्डर की स्थानीय जगहों पर बंद का कोई खास असर नहीं दिखा। टिकरी बॉर्डर स्थित आंदोलन स्थल पर हर दिन लगने वाला मंच आज नहीं लगा, अधिकतर किसान बॉर्डर से कुछ किलोमीटर आगे बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशनों पर पहुंचे और रेल मार्ग बाधित किया। लेकिन दिल्ली की ओर से टिकरी बॉर्डर जाने वाले सभी मार्ग, दुकानें, स्कूल हर दिन की तरह चलते रहे। टिकरी बॉर्डर मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद थी। यात्रियों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई। बहादुरगढ़ के उद्योगपतियों ने भी बार्डर खुलवाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की हुई है। सोनीपत में सुबह दुकानें बंद थीं लेकिन 11 बजते-बजते पूरा बाजार खुल गया। आम तौर पर बाजार 9 बजे खुलता है। सोनीपत रेलवे स्टेशन अपवाद रहा।