The US should be the main location in the investigation of the source of corona in the next phase

अमेरिका को अगले चरण में कोरोना के स्रोत के पड़ताल में मुख्य स्थान होना चाहिए

विश्व स्वास्थ्य संगठन के सचिवालय ने हाल ही में अगले चरण में कोरोना के स्रोत का पता लगाने की योजना प्रस्तुत की, जो चीन और कई देशों के पक्ष के अनुरूप नहीं है। अब 55 देशों ने डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक को पत्र लिखकर इस मुद्दे के राजनीतिकरण का विरोध जताया है। उन्होंने वैज्ञानिक रूप से कोरोना के स्रोत का पता लगाने की अपील की।
कोरोना के स्रोत की जांच में चीन हमेशा खुला रूख अपनाता है ।उस ने दो बार विश्व स्वास्थ्य संगठन के विशेषज्ञों को चीन आने का निमंत्रण दिया ।संबंधित विशेषज्ञों ने वुहान वायरस अनुसंधान संस्थान समेत विभिन्न जीव प्रयोगशालाओं का दौरा किया है और चीनी कर्मचारियों के साथ ईमानदार व व्यापक रूप से विचारों का आदान प्रदान किया है ।30 मार्च को डब्ल्यूएचओ और चीनी पक्ष के संयुक्त पड़ताल दल ने औपचारिक रिपोर्ट जारी की ,जिस में कहा गया कि कोरोना को चीनी प्रयोगशाला से लीक होने की अत्यंत कम संभावना है ।रिपोर्ट में अगले चरण के कार्य का सुझाव भी प्रस्तुत किया गया है, जिस में विश्व में अधिक बड़े दायरे में जांच करना शामिल है ।
कोरोना के मुकाबले में अमेरिका के मामले और इस महामारी में मृतकों की संख्या विश्व में सर्वाधिक है ।उसे अगले चरण में जांच करने का मुख्य स्थान होना चाहिए। उल्लेखनीय बात है कि अब तक अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की इस आशंका पर कोई जवाब नहीं दिया है कि फोर्ट डेट्रिक जीव प्रयोगशाला क्यों जुलाई 2019 में अचानक बंद किया गया। अमेरिकी बीमारी नियंत्रण व रोकथाम केंद्र के पूर्व निदेशक रोबर्ट रेडफील्ड ने भी पिछले मार्च में माना था कि सितंबर 2019 में फ्लू से मारे गये मरीजों में से कुछ वास्तव में कोरोना से संक्रमित थे।
अब अधिकाधिक देश अमेरिका में जांच करने की अपील करते हैं। अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय समुदाय को जवाब देना और अंतरराष्ट्रीय जांच दल के लिए द्वार खोलना चाहिए। (साभार---चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)
 

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